उदयपुर में ‘सुशासन तिहार’ का भव्य आयोजन : जनसमस्याओं के समाधान हेतु उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब

लक्ष्मणगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सुशासन’ की प्राथमिकता को आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लक्ष्मणगढ़ में एक विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष ‘सुशासन तिहार’ में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया।
त्वरित समाधान की मिसाल: शिविर की मुख्य झलकियाँ
प्रशासनिक चुस्ती का प्रमाण देते हुए इस शिविर में आवेदन पत्रों का निपटारा रिकॉर्ड गति से किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार:
विभिन्न पंचायतों से आए कुल 4,740 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण समय-सीमा के भीतर किया गया।
शिविर स्थल पर ही तत्काल सेवाओं के तहत 37 पहचान पत्र (Aadhaar [Redacted]), 33 आयुष्मान कार्ड और 25 श्रम कार्ड तैयार कर ग्रामीणों को सौंपे गए।
कार्यक्रम के दौरान प्राप्त 312 नए आवेदनों को भी उचित कार्यवाही हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया गया है।
हितग्राहियों को मिले विकास के अधिकार
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वयं पात्र ग्रामीणों को मुख्यमंत्री पेंशन योजना और राष्ट्रीय परिवार सहायता के स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूती प्रदान करने हेतु मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और आयुष्मान कार्डों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कई परिवारों को उनके सपनों के घर के लिए स्वीकृति पत्र भी दिए गए।
“जनता के द्वार पर प्रशासन” – मंत्री का संबोधन
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का लक्ष्य स्पष्ट है—सरकार और आम आदमी के बीच की दूरी को समाप्त करना। उन्होंने बताया कि यह 40 दिवसीय अभियान सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, ताकि ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
विभागीय स्टॉलों से मिली जानकारी
शिविर में कुल 32 विभागीय स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ अधिकारियों ने लोगों को सरकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्यों सहित अपर कलेक्टर और एसडीएम जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने मौके पर ही जनता की शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया।
















