विनाश पर सृजन की विजय का प्रतीक है सोमनाथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई ‘स्वाभिमान यात्रा’ को हरी झंडी

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के पहले जत्थे को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ मंदिर को भारतीय अस्मिता और अटूट श्रद्धा का केंद्र बताते हुए कहा कि यह पावन स्थल हमें सिखाता है कि निर्माण की शक्ति हमेशा विनाशकारी शक्तियों पर भारी पड़ती है।
सांस्कृतिक पुनरुत्थान का एक नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास के अनेक आक्रमणों और विध्वंसों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज अपनी पूरी दिव्यता के साथ खड़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि:
वर्ष 1026 में हुए पहले आक्रमण के ठीक 1000 वर्ष बाद, 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ में ‘स्वाभिमान पर्व’ मनाया गया।
यह यात्रा केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव को सशक्त करने का एक अनुष्ठान है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों (जैसे भोपाल, उज्जैन, सीहोर, विदिशा और मंदसौर) से आए 1,100 श्रद्धालु इस दल का हिस्सा हैं।
21 पवित्र नदियों के जल से होगा जलाभिषेक
यात्रा की धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालु देश की 21 प्रमुख नदियों का जल अपने साथ ले जा रहे हैं, जिससे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का अभिषेक किया जाएगा। प्रस्थान से पूर्व मुख्यमंत्री ने जल कलशों का पूजन किया। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को शौर्य के प्रतीक के रूप में त्रिशूल भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
धार्मिक पर्यटन से सुदृढ़ होती अर्थव्यवस्था
डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए की गई सुविधाओं का भी जिक्र किया:
हवाई सेवा: इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ओरछा और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की गई हैं।
धार्मिक लोक: राज्य में 13 ‘लोक’ विकसित किए जा रहे हैं। ‘महाकाल महालोक’ के निर्माण से उज्जैन की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आया है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं को सीधा लाभ मिल रहा है।
विरासत से विकास: सरकार का लक्ष्य विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजना है।
यात्रा का विवरण
यह विशेष ट्रेन 8 मई को सोमनाथ पहुँचेगी, जहाँ श्रद्धालु विभिन्न आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। भक्ति, सत्संग और आपसी भाईचारे का संदेश समेटे यह यात्रा 11 मई 2026 को वापस लौटेगी। विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन जन-मानस में स्वाभिमान और श्रद्धा के नए भाव जगाएगा।
















