सुकमा के एर्राबोर में ‘सुशासन तिहार’ शिविर : मौके पर ही निपटे मामले, सरकारी योजनाओं का मिला सीधा लाभ

सुकमा। शासन की जन-कल्याणकारी नीतियों और प्रशासनिक सेवाओं को सीधे आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत एर्राबोर में ‘सुशासन तिहार’ शिविर का विशेष आयोजन किया गया। यह शिविर स्थानीय ग्रामीणों के लिए बेहद मददगार साबित हुआ, जहाँ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद मौजूद रहकर जनता की शिकायतें और माँगें सुनीं और उनके तत्काल निराकरण की दिशा में कदम उठाए।
सामाजिक सरोकार और विभागीय सेवाएँ
शिविर के दौरान न केवल प्रशासनिक कार्य हुए, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण भी देखने को मिला। कार्यक्रम में स्कूली छात्रों को उनके जाति प्रमाण पत्र सौंपे गए। इसके साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और छह माह के शिशुओं के लिए अन्नप्राशन की रस्में भी पूरी की गईं।
ग्रामीणों की सहूलियत के लिए एक ही छत के नीचे कई महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान की गईं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
राशन कार्ड एवं महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) कार्य।
शासकीय पहचान पत्रों (यूनीक आईडी) का नया पंजीकरण और आवश्यक सुधार/अपडेट कार्य।
राजस्व विभाग द्वारा बी-1 खसरा, किसान किताब का वितरण और एग्री स्टेक पंजीकरण।
प्राप्त आवेदनों का लेखा-जोखा
इस एक दिवसीय शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित कुल 250 आवेदन ग्रामीणों द्वारा जमा किए गए, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। विभागों के अनुसार आवेदनों का विवरण इस प्रकार है:
विभाग प्राप्त आवेदनों की संख्या
पंचायत विभाग 165
कृषि विभाग 22
विद्युत विभाग 14
राजस्व विभाग 11
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) 11
इस ‘सुशासन तिहार’ के सफल क्रियान्वयन से न केवल सुदूर अंचल के ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है, बल्कि स्थानीय जनता और जिला प्रशासन के बीच आपसी समन्वय और भरोसे को एक नया विस्तार मिला है।
















