नारायणपुर के जंगलों से माओवादियों का बड़ा हथियार डिपो ध्वस्त, BSF को मिली कामयाबी

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। नारायणपुर जिले के सोनपुर इलाके में आने वाले कदेर के जंगलों से सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 133वीं वाहिनी ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है।
खुफिया इनपुट पर हुई कार्रवाई, भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद
सुरक्षाबलों को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सलियों ने कदेर के जंगलों में जमीन के नीचे भारी मात्रा में असलहा छुपाया हुआ है। इस इनपुट के आधार पर BSF ने तत्काल एक सघन तलाशी अभियान (Searching Operation) शुरू किया। खुदाई के दौरान सुरक्षा बलों को निम्नलिखित सामग्रियां मिलीं:
हथियार और मैगजीन: एक .303 राइफल, छह .315 राइफल, एक 12 बोर बंदूक और .303 राइफल की मैगजीन।
कारतूस व अन्य उपकरण: विभिन्न कैलिबर के 179 जिंदा कारतूस, दो बीजीएल (BGL), आरएफ (RF) डिटेक्टर, एंटीना, जीपीएस (GPS) और आईईडी (IED) का ऑपरेटिंग सिस्टम।
दस्तावेज व डिजिटल डेटा: नक्सलियों की वर्दी, बैनर, तस्वीरें, भारी मात्रा में माओवादी साहित्य, एक जनरेटर मैनुअल, 6 पेन ड्राइव और 78 मेमोरी कार्ड।
अन्य सामग्री: दवाइयां और दैनिक उपयोग का सामान।
बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही डिफ्यूज किए बम
नक्सलियों ने इन घातक हथियारों को सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जमीन में दबाकर रखा था। बरामद सामग्री में 24 बड़े और 20 छोटे बीजीएल (BGL) भी शामिल थे, जिन्हें किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बम स्क्वॉड (Bomb Squad) ने मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। नष्ट किए जाने के कारण इन्हें आधिकारिक तौर पर जब्त सूची में नहीं जोड़ा गया।
जारी रहेगा सर्च ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बस्तर संभाग में नक्सलियों के प्रभाव को पूरी तरह खत्म करने के लिए इस तरह के तलाशी अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों का उद्देश्य माओवादियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना और उनके द्वारा छिपाए गए घातक हथियारों को बेअसर करना है। आने वाले दिनों में भी यह अभियान इसी तरह जारी रहेगा।
















