झापरा में जिला प्रशासन की पहल : जनसमस्याओं का मौके पर निपटारा, वितरित किए गए दस्तावेज़

सुकमा। सुकमा जिले के ग्राम पंचायत झापरा में हाल ही में ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और विभिन्न सरकारी योजनाओं व प्रशासनिक सेवाओं का सीधा लाभ उठाया।
शिविर के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सीधे ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। कई आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनका मौके पर ही निराकरण किया गया। इसके साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की पात्रता और उनके लिए जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया।
प्रमुख उपलब्धियां और डिजिटल पहल:
सुकमा तहसीलदार गिरीश निम्बालकर, सरपंच मुन्नी मड़कामी और उपसरपंच प्रवीण बारसे की उपस्थिति में जरूरतमंद और पात्र ग्रामीणों को महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज सौंपे गए। इस दौरान कुल 35 प्रमाण पत्र वितरित किए गए, जिनमें शामिल हैं:
12 निवास प्रमाण पत्र
8 जाति प्रमाण पत्र
8 किसान किताबें (भू-किताब)
2 नामांतरण (उत्तराधिकार/म्यूटेशन) आदेश
इसके अतिरिक्त, आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़ते हुए 5 किसानों का ‘एग्रीस्टैक’ पोर्टल पर डिजिटल पंजीकरण भी किया गया, जिससे उन्हें आगे चलकर डिजिटल माध्यम से खेती से जुड़ी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
ग्रामीणों को मिली राहत:
गांव के भीतर ही एक ही जगह पर प्रशासनिक काम होने से स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों और किसानों को जिला मुख्यालय के चक्कर काटने से मुक्ति मिली। ग्रामीणों ने इस त्वरित व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनके समय और पैसों दोनों की बचत हुई है। प्रशासन का यह कदम अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास और सुशासन पहुंचाने की दिशा में एक बेहद असरदार प्रयास साबित हो रहा है।
















