मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का कायाकल्प : कड़े फैसलों और नई योजनाओं से बदला वक्फ प्रबंधन का चेहरा

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में वक्फ बोर्ड ने प्रशासनिक व कानूनी स्तर पर बड़े सुधार किए हैं। नए वक्फ नियमों के कड़ाई से पालन के कारण राज्य में वक्फ संपत्तियों का संरक्षण, बेहतर रखरखाव और जनकल्याणकारी कार्यों में उनका सदुपयोग सुनिश्चित हुआ है। बोर्ड ने न केवल दशकों पुराने अवैध कब्जों को हटाया है, बल्कि खाली कराई गई जमीनों के जरिए जरूरतमंदों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। राजस्व बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने देश के अन्य राज्यों की वक्फ कमेटियों की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर नई वित्तीय रणनीतियाँ लागू की हैं।

केंद्र सरकार के पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज करने में एमपी अव्वल, मिला ‘स्कॉच अवार्ड’

केंद्र सरकार के ‘उम्मीद पोर्टल’ पर वक्फ संपत्तियों का शत-प्रतिशत डिजिटल लेखा-जोखा दर्ज करने के मामले में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने देश भर में पहला स्थान हासिल किया है। इस उत्कृष्ट और पारदर्शी कार्यशैली के लिए बोर्ड को प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड (Scotch Award) से सम्मानित किया गया है। अब सभी संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन होने से वक्फ माफियाओं की मनमानी पर पूरी तरह रोक लग गई है।

शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम: 1,500 से अधिक बच्चों को स्कूल लौटने का सहारा

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि नए अधिनियम के लागू होने के बाद समाज के विकास के लिए कई रचनात्मक पहल की गई हैं। मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर राज्य के 1,552 ऐसे छात्र-छात्राओं को दोबारा शिक्षा से जोड़ा गया है, जो किसी वजह से स्कूल छोड़ चुके थे (ड्रॉप आउट)। बोर्ड ने इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता का पुख्ता प्रबंध किया है।

मेधावी छात्रों का सम्मान: इसी अभियान के तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित एक विशेष गरिमामय समारोह में जिले के 849 होनहार विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप वितरित करेंगे।

‘पढ़ो पढ़ाओ’ मॉडल की देश भर में गूंज: मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के इस ‘पढ़ो पढ़ाओ – राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो’ अभियान की सफलता को देखने और इसकी कार्यशैली को समझने के लिए अन्य राज्यों के अधिकारी भी अब मध्य प्रदेश का रुख कर रहे हैं।

वक्फ माफियाओं पर कड़ा प्रहार: दागदार प्रबंधकों से ₹41 करोड़ से अधिक की वसूली तय

बोर्ड ने समानांतर व्यवस्था चलाकर वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों, दागी प्रबंधकों और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ चौतरफा कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इसी कड़ी में बोर्ड को नुकसान पहुँचाने के एवज में 41 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय वसूली के नोटिस (RRC) जारी किए गए हैं।

देश के वक्फ इतिहास की कुछ सबसे बड़ी वसूलियों का विवरण इस प्रकार है:

वक्फ संस्था/प्रकरण,स्थान,वसूली नोटिस की राशि
वक्फ यतीमखाना शाहजहांनी,भोपाल,₹28 करोड़ 96 लाख
वक्फ मदर गेट,उज्जैन,₹7 करोड़ 21 लाख
वक्फ जामा मस्जिद (बीना बजरिया),सागर,₹1 करोड़ 84 लाख
वक्फ बड़वाली चौकी,इंदौर,₹1 करोड़ 24 लाख
वक्फ हिंदू अनाथालय,भोपाल,₹1 करोड़ 05 लाख
वक्फ अंजुमन इस्लामिया (पूर्व अध्यक्ष),जबलपुर,₹81 लाख 43 हजार

पारदर्शिता की नई मिसाल: वक्फ बोर्ड ने साफ कर दिया है कि संपत्तियों का दुरुपयोग करने वाले किसी भी रसूखदार या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। कृषि भूमियों की समय पर और पारदर्शी नीलामी से बोर्ड की आय में भारी इजाफा हुआ है, जिसकी समाज के हर वर्ग द्वारा सराहना की जा रही है।

पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल: वक्फ की जमीनों पर लगेंगे 5 लाख पौधे

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के इतिहास में पहली बार हरियाली बढ़ाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है। बोर्ड ने अपनी जमीनों पर 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसके अंतर्गत आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने पूर्वजों की स्मृति में एक पौधा अवश्य लगाएं। पौधों के रोपण के बाद उनकी सुरक्षा और देखभाल के लिए जिला स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को बोर्ड द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा।

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