छत्तीसगढ़ में नौतपा का प्रचंड आगाज : राजनांदगांव 46 डिग्री के साथ सबसे गर्म, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सूर्यदेव के तेवर बेहद तल्ख हो चुके हैं और सोमवार से राज्य में ‘नौतपा’ के भीषण दौर का आगाज़ हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी दिनों में सूबे के कई अंचलों में तपिश और गर्म हवाओं (लू) का प्रकोप अभी और ज्यादा गहरा सकता है।
दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह
नौतपा की शुरुआत के साथ ही राज्य भर में झुलसाने वाली गर्मी का दौर तेज होने की आशंका जताई गई है। मौसम केंद्र के अनुसार, आज भी प्रदेश के अधिकांश हिस्से प्रचंड लू की चपेट में रह सकते हैं। राजनांदगांव सहित कई अन्य जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार करने की कगार पर है। दोपहर के वक्त चलने वाली चुभती धूप और लू नागरिकों की मुश्किलें बढ़ाएंगी, जिसके चलते मौसम विभाग ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनिवार्य काम न होने पर धूप में बाहर न जाने की हिदायत दी है।
प्रमुख शहरों का तापमान: राजनांदगांव में रिकॉर्ड गर्मी
रायपुर मौसम केंद्र से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, राजनांदगांव राज्य का सबसे तप्त इलाका साबित हुआ है, जहाँ अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा। इसके अलावा दुर्ग में पारा 45 डिग्री और रायपुर के माना हवाई क्षेत्र में 44.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया। मौसम विज्ञानियों ने मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में गंभीर ‘हीटवेव’ चलने की आशंका जाहिर की है।
पिछले 24 घंटों की मौसमी स्थिति
बीते एक दिन के दौरान पूरे प्रदेश का वातावरण पूरी तरह शुष्क रहा और कहीं भी मेघ नहीं बरसे। तापमान की बात करें तो रायपुर के लालपुर में अधिकतम पारा 44.3 डिग्री और माना में 44.5 डिग्री दर्ज हुआ। इसके अलावा बिलासपुर में 44.5 डिग्री, जगदलपुर में 43.1 डिग्री और अंबिकापुर में 41.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं, अंबिकापुर में रातें थोड़ी राहत भरी रहीं, जहाँ न्यूनतम तापमान सबसे कम 24 डिग्री सेल्सियस रहा।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान: कब मिलेगी राहत?
मौसम विभाग के अनुसार, 25 से 28 मई के बीच राज्य के लोगों को इस झुलसाती गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। विशेषकर 25 और 26 मई को मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में लू का थपेड़ा परेशान करेगा। हालांकि, 26 मई के बाद वायुमंडल में थोड़ा सा बदलाव आ सकता है, जिससे कहीं-कहीं आंधी-तूफान (40 से 50 किमी/घंटा की गति) के साथ हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
















