मध्यप्रदेश

जल गंगा संवर्धन : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जल सहेजने का जन-आह्वान

इंदौर में ऐतिहासिक अहिल्या कुंड का जीर्णोद्धार; मुख्यमंत्री ने पारंपरिक जल स्रोतों को बचाने के लिए जनभागीदारी पर दिया जोर।

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में चलाए जा रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत इंदौर जिले में स्थित ऐतिहासिक अहिल्या कुंड के पुनरुद्धार कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कुंड स्थल पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना भी संपन्न की।

स्थानीय ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को किसी सरकारी योजना तक सीमित न रखकर एक सामूहिक जन आंदोलन का रूप देना होगा। उन्होंने पानी को जीवन का मूल आधार बताते हुए सचेत किया कि आज जल की हर बूंद को बचाकर ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों का कल सुरक्षित कर सकते हैं।

अपने संबोधन में डॉ. यादव ने संत कबीरदास और संत रहीम के प्रसिद्ध दोहों का उदाहरण देते हुए बहुत ही सहजता से पानी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में जल को न केवल जीवन, बल्कि समृद्धि और गहरी मानवीय संवेदनाओं से जोड़कर देखा गया है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से अपील की कि वे वर्षा जल को संचित करें, प्राचीन तालाबों व कुंडों की देखरेख करें और पानी का सोच-समझकर उपयोग करें।

मुख्यमंत्री का संदेश: “राज्य सरकार पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है, लेकिन यह प्रयास तभी पूरी तरह सफल होगा जब इसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी होगी।”

इस निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, आईजी अनुराग, कलेक्टर शिवम वर्मा और जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button