छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र का बड़ा हाथ : मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दी बधाई, पत्र लिखकर जताया आभार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर उन्हें हार्दिक बधाई दी है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को एक विशेष पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने राज्य की प्रगति के लिए केंद्र सरकार की तरफ से लगातार मिल रहे ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सहयोग के लिए दिल से धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से ही छत्तीसगढ़ के विकास को एक नई रफ्तार मिली है। केंद्र सरकार की जनहितैषी योजनाओं का सीधा फायदा आज राज्य के सुदूर इलाकों में रहने वाले आखिरी व्यक्ति तक पहुँच रहा है।
सुरक्षा और अधोसंरचना: नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में साफ किया कि केंद्र सरकार की मजबूत नीतियों के कारण राज्य में नक्सल प्रभावित इलाकों की तस्वीर बदल रही है। सुरक्षा और विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की नीति बेहद कारगर रही है:
आर्थिक और तकनीकी मदद: विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) के तहत राज्य को ₹2,080.29 करोड़ मिले हैं। इसके साथ ही सेना और जवानों को आधुनिक हथियार, जंगल वारफेयर की ट्रेनिंग और एयर सपोर्ट देकर मजबूत बनाया गया है।
सड़कों का जाल: अंदरूनी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ₹2,377 करोड़ की लागत से 3,222 किलोमीटर लंबी 391 सड़कें और 88 बड़े पुलों को मंजूरी दी गई है, जिससे बस्तर जैसे क्षेत्र सीधे तौर पर जुड़ रहे हैं।
वित्तीय स्वायत्तता: राज्य को मिला मजबूत आर्थिक आधार
पीएम मोदी के कार्यकाल में राज्यों को मिलने वाले टैक्स की हिस्सेदारी 32% से बढ़ाकर 42% की गई, जिसने छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। पिछले 12 वर्षों में राज्य को केंद्र से बड़ी वित्तीय मदद मिली है:
केंद्रीय टैक्स में हिस्सेदारी: ₹3,46,806 करोड़
विभिन्न केंद्रीय योजनाएं: ₹1,43,328 करोड़
पूंजीगत निवेश व जीएसटी मुआवजा: विशेष सहायता के रूप में ₹22,021 करोड़ और जीएसटी क्षतिपूर्ति के तौर पर ₹22,600 करोड़ की अतिरिक्त राशि मिली।
सड़क कनेक्टिविटी: राष्ट्रीय राजमार्गों और केंद्रीय सड़क कोष के माध्यम से करीब ₹40,000 करोड़ से अधिक की स्वीकृति मिली, जिससे रायपुर-विशाखापट्टनम और बिलासपुर-धनबाद जैसी बड़ी परियोजनाओं को गति मिली।
ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों का जीवन स्तर सुधारने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं:
पीएम आवास योजना: राज्य में 24.50 लाख गरीबों के मकान स्वीकृत किए गए, जिनमें से करीब 19.70 लाख घर बनकर तैयार हैं।
मनरेगा व स्वच्छ भारत: मनरेगा के जरिए 152 करोड़ मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ, वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत 36 लाख से अधिक परिवारों को शौचालय की सुविधा मिली।
किसान सम्मान निधि: छत्तीसगढ़ के 25.51 लाख किसानों के खातों में ₹10,784 करोड़ की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।
सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल क्रांति
खाद्य सुरक्षा के मामले में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राज्य के 1.99 करोड़ लोगों को हर महीने मुफ्त राशन मिल रहा है, जिसके लिए केंद्र सालाना ₹5,600 करोड़ की सब्सिडी दे रहा है।
स्वास्थ्य: राज्य में 5,499 आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं। साथ ही ब्लॉक और जिला स्तर पर हेल्थ यूनिट्स और क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्वीकृत किए गए हैं।
महिला सशक्तिकरण: ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 10.42 लाख महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। करीब 39.54 लाख महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं।
डिजिटल इंडिया: दूरदराज के क्षेत्रों को नेटवर्क से जोड़ने के लिए 1,247 मोबाइल टावर लगाए जा चुके हैं और 577 नए टावरों पर काम चल रहा है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है जिसने जमीन के मामलों में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ‘ऑटो-म्यूटेशन’ (स्वतः नामांतरण) की व्यवस्था पूरी तरह लागू की है।
पर्यटन, संस्कृति और खेल को नया मंच
जशपुर, सरगुजा और बिलासपुर जैसे आदिवासी अंचलों में स्वदेश दर्शन योजना के तहत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। खेलो इंडिया के तहत राज्य में खेल अधोसंरचना के लिए करोड़ों की राशि मिली है। रायपुर में ₹200 करोड़ की लागत से बनने वाला ‘पीएम एकता मॉल’ स्थानीय शिल्पकारों और बुनकरों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार देगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्र के अंत में छत्तीसगढ़ की साढ़े तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया और उम्मीद जताई कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को पूरा करने में केंद्र सरकार का यह मार्गदर्शन और सहयोग आगे भी हमेशा मिलता रहेगा।
















