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अफवाहों पर लगा विराम : नेपाल में बेधड़क बिकेगा भारतीय आम, दोनों देशों ने दी सफाई

नई दिल्ली (एजेंसी)। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मीडिया के एक हिस्से में यह अफवाह उड़ रही थी कि कीटनाशकों की अधिक मात्रा होने के कारण नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस खबर से भारत के आम उत्पादक किसानों और नेपाल के फल व्यापारियों के बीच चिंता का माहौल बन गया था। अब भारत और नेपाल, दोनों ही सरकारों ने इस खबर को पूरी तरह से खारिज करते हुए साफ किया है कि ऐसा कोई भी प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

सरकार ने बताया ‘भ्रामक खबर’

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इन खबरों को ‘तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक’ करार दिया। सरकार की ओर से कहा गया है कि भारत से नेपाल को आम का निर्यात हमेशा की तरह बिना किसी रुकावट के चल रहा है।

खुद नेपाल के ‘प्लांट क्वारंटीन और कीटनाशक प्रबंधन केंद्र’ ने भी 10 जून को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि भारतीय आमों की एंट्री पर कोई बैन नहीं है।

आंकड़े दे रहे हैं गवाही

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत और नेपाल के बीच आम का व्यापार मजबूती से चल रहा है:

जनवरी से अब तक: भारत ने नेपाल को कुल 2,005 टन आम (149 खेपों में) भेजे हैं।

अकेले जून महीने में: अब तक 266 टन आम की 18 खेपें सीमा पार जा चुकी हैं।

आखिर क्यों शुरू हुआ था यह विवाद?

दरअसल, नेपाल सरकार ने हाल ही में कृषि उत्पादों और फलों की सुरक्षा को लेकर अपने नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। इन नए ‘फाइटोसैनिटरी’ (पौधों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े) नियमों के तहत अब केवल उन्हीं आमों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है जो उनके तय मानकों पर खरे उतरते हैं।

चूंकि नेपाल ने यह नए नियम बिना किसी पूर्व चर्चा के अचानक लागू कर दिए, इसलिए भारत ने इस पर थोड़ी चिंता जताई है और इस विषय को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सामने भी उठाने का फैसला किया है। इसके बावजूद, भारतीय आम सभी जरूरी टेस्ट पास कर रहे हैं और नेपाल के बाजारों में उनकी मांग लगातार बनी हुई है।

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