छत्तीसगढ़

बस्तर में विकास कार्यों में देरी पर सरकार सख्त : दो ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, कई अन्य को नोटिस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर सरकार बेहद आक्रामक रुख अपना रही है। बस्तर क्षेत्र में सड़कों और पुलों के निर्माण में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ लोक निर्माण विभाग ने एक साथ कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। लगातार चेतावनी के बाद भी काम में तेजी न लाने वाली दो बड़ी निर्माण कंपनियों का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) अगले दो साल के लिए रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा, करीब आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।

इन वजहों से गिरी गाज

हाल ही में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने बस्तर दौरे के दौरान लोक निर्माण विभाग के कार्यों की जमीनी समीक्षा की थी। निरीक्षण में यह बात सामने आई कि कई ठेकेदार तय समय-सीमा और माइलस्टोन (तय लक्ष्यों) के मुताबिक काम पूरा नहीं कर रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री के कड़े निर्देशों के बाद विभाग ने तुरंत एक्शन लिया।

इन ठेकेदारों पर हुई कार्रवाई:
पंजीयन निरस्त (2 साल के लिए):

मेसर्स गुप्ता कन्सट्रक्शन कंपनी: यह कंपनी भवरडींग नदी, घोटिया-मुंडा-चांदाबेड़ा और पलना-मरीगांव-कुंडई मार्ग पर पुलों का निर्माण कर रही थी, जो तय रफ्तार से काफी पीछे चल रहा था।

श्री निर्भय राम साहू (कांकेर): आमाबेड़ा-सेमर गांव और डुमरीकेल नाला पर पुल निर्माण में लगातार लापरवाही के कारण इन पर कार्रवाई की गई।

अंतिम रिपोर्ट तलब: नारायणपुर और सुकमा में सड़क चौड़ीकरण के काम में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों (पंकज हालदार और आशीष भदौरिया) के जवाबों की जांच कर मुख्य अभियंता से अंतिम कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है।

कारण बताओ नोटिस: कोंडागांव, जगदलपुर, कांकेर और सुकमा संभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कों के काम में लेट-लतीफी को लेकर मेसर्स बी.एम.एस. प्रोजेक्ट, सुराना एंड कंपनी, एस.के. अरोरा, के. मोहन रेड्डी, बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर समेत आठ अन्य ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

“गुणवत्ता और समय से समझौता नहीं”

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विकास सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समय पर काम पूरा न होने से कनेक्टिविटी प्रभावित होती है और जनता को दिक्कतें आती हैं। अनुबंध की शर्तों का पालन न करने वाली एजेंसियों और ठेकेदारों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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