मंत्री टंकराम वर्मा का सख्त रुख : राजस्व कार्यों में ढिलाई पर होगी कार्रवाई, बाढ़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने धमतरी कलेक्ट्रेट में विभागीय कामकाज की व्यापक समीक्षा की। बैठक के दौरान मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और भूमि व्यपवर्तन जैसे जनता से सीधे जुड़े मामलों में जरा सी भी लापरवाही या देरी सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम नागरिकों को अपने जायज कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसे शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी माना जाए।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे जन-कल्याणकारी योजनाएं
मंत्री वर्मा ने अधिकारियों को संवेदनशीलता और पूरी पारदर्शिता के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब उनका फायदा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड और जाति प्रमाण पत्र भी सौंपे।
आपदा प्रबंधन और बाढ़ सुरक्षा को लेकर अलर्ट
मानसून की शुरुआत को देखते हुए मंत्री ने संभावित बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखने और राहत दलों को हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में धन-जन की हानि को रोका जा सके।
विभिन्न विभागों को जारी दिशा-निर्देश
शिक्षा विभाग: नए सत्र की शुरुआत के साथ ही छात्रों को किताबें, ड्रेस और साइकिलें समय पर बांटी जाएं ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
कृषि विभाग: बुवाई के इस सीजन में किसानों को खाद-बीज की किल्लत न हो, इसकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य विभाग: ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा मजबूत किया जाए और आयुष्मान योजना का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाया जाए।
धमतरी में इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्य
बैठक में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिले की प्रगति रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि धमतरी में 200 बिस्तर वाले मातृ-शिशु अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर तथा कुरूद में 100 बिस्तरीय अस्पताल व नर्सिंग कॉलेज का काम जारी है। इसके अलावा सड़क, इंडोर स्टेडियम, नालंदा परिसर और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं को अगले दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
मंत्री टंकराम वर्मा ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को पूरा करने में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका सबसे अहम है। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ, वनमंडलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
















