Gen-Z युवाओं से PM मोदी का संवाद : “गलतियों से सीखें और साथ मिलकर देश बनाएं, बच्चों को माफ करना ही संस्कार”

नई दिल्ली (एजेंसी)। जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए नीट (NEET) विरोध-प्रदर्शन के दौरान उठे विवादों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भावुक संदेश जारी किया है। देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम लाइव के जरिए युवाओं (Gen-Z) को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वह विरोध के दौरान अनुचित टिप्पणी करने वाले युवाओं को माफ करने के पक्ष में हैं।
भाषा पर जताई चिंता, लेकिन सजा के खिलाफ
हालिया प्रदर्शनों में प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर चिंता व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी शब्दावली किसी भी सभ्य समाज के अनुकूल नहीं है। समाज में इस तरह के आचरण को लेकर आक्रोश और एक सांस्कृतिक धक्का (Cultural Shock) स्वाभाविक है, लेकिन युवाओं को प्रताड़ित करने या उन्हें अदालतों के चक्कर कटवाने से समाधान नहीं निकलेगा।
प्रधानमंत्री ने एक उदाहरण देते हुए कहा:
“जैसे गलती से दांतों से जीभ कट जाने पर हम दांत नहीं तोड़ते—क्योंकि दोनों हमारे ही हैं—उसी तरह ये बच्चे भी हमारे अपने हैं। भटके हुए युवाओं को सही राह दिखाना ही हमारा मुख्य दायित्व है।”
साथ मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान
युवाओं को देश के भविष्य का आधार बताते हुए उन्होंने अपील की कि वे अपनी गलतियों से सबक लें और राष्ट्र निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाएं। पीएम ने कहा कि वह देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्हें समाज द्वारा दंडित करने के बजाय सही मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा विवाद 23 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा धांधली के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शन से शुरू हुआ था। प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह नामक एक 25 वर्षीया युवती का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन पर प्रधानमंत्री और उनके पद के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा।
इस घटना के बाद नोएडा में युवती के खिलाफ जीरो FIR दर्ज कराई गई थी, जिससे सोशल मीडिया पर कानूनी कार्रवाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई थी। प्रधानमंत्री के इस ताजा संदेश को इसी पूरे घटनाक्रम और विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है।
















