छत्तीसगढ़ के स्कूलों में रौनक : नए सत्र के साथ ‘शाला प्रवेश उत्सव’ का आगाज़

रायपुर। लंबे इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ के बच्चों के लिए स्कूल की घंटियाँ फिर से बज उठी हैं। राज्य में आज से नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) की औपचारिक शुरुआत हो गई है। सरकारी और निजी, दोनों ही तरह के विद्यालयों में आज से नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू हो चुका है। इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए राज्य सरकार आज से 27 जून तक ‘शाला प्रवेश उत्सव’ मना रही है, जबकि इसका मुख्य समारोह 30 जून को आयोजित किया जाएगा। इस वृहद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री सहित कई गणमान्य नागरिक शिरकत करेंगे। इस दौरान संभाग स्तर पर छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म, किताबें और साइकिलें बांटी जाएंगी।
फूलों और तिलक से हुआ नौनिहालों का अभिनंदन
राजधानी रायपुर के स्कूलों में आज सुबह से ही चहल-पहल देखी गई। चिलचिलाती गर्मी की छुट्टियों के बाद जब बच्चे स्कूल प्रांगण पहुंचे, तो शिक्षकों ने उनका पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और नई पुस्तकें सौंपकर स्वागत किया। पहली बार स्कूल की दहलीज पर कदम रखने वाले छोटे बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही उत्साह और कौतूहल का भाव था।
धमतरी में राष्ट्रगीत के साथ गूंजा स्कूल प्रांगण
धमतरी जिले में भी नए सत्र को लेकर बच्चों और शिक्षकों में भारी उत्साह नजर आया। गोकुलपुर स्थित प्राथमिक शाला में सुबह ठीक 7:30 बजे राज्य गीत और राष्ट्रगान के सुरों के साथ नए सत्र का शंखनाद हुआ। लगभग दो महीने बाद स्कूल लौटे विद्यार्थियों का स्वागत शिक्षकों ने तिलक लगाने के साथ-साथ चॉकलेट बांटकर किया। नए दोस्तों और गुरुजनों से मिलकर बच्चे बेहद खुश नजर आए।
शिक्षकों ने पहले से ही कस ली थी कमर
शिक्षकों का मानना है कि लंबी छुट्टियों के बाद बच्चों को दोबारा पढ़ाई के माहौल में ढालना थोड़ा चुनौती भरा होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में तैयारियां काफी पहले से ही पूरी कर ली गई थीं। कमरों की साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और बैठने की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की गई ताकि बच्चों को एक खुशनुमा माहौल मिल सके। पहले ही दिन शिक्षकों ने बच्चों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए रोज स्कूल आने के लिए प्रेरित किया। स्कूलों के दोबारा खुलने से सूने पड़े परिसर एक बार फिर बच्चों की खिलखिलाहट से जीवंत हो उठे हैं।
















