नई रिसर्च : 40 से कम उम्र वालों के लिए शराब का एक घूंट भी खतरनाक, जानिए क्या कहती है लैंसेट की रिपोर्ट

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। आमतौर पर हर शराब की बोतल पर स्वास्थ्य संबंधी वैधानिक चेतावनी लिखी होती है, जिसे अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं। लगातार शराब पीने से शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर बुरा असर पड़ता है। लंबे समय तक इसका हैवी डोज़ लेने से दिल की बीमारियां, किडनी फेलियर और कैंसर जैसी जानलेवा स्थितियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
हाल ही में मशहूर मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट’ में प्रकाशित एक वैश्विक अध्ययन में शराब के सेवन को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। इस स्टडी में उम्र और लिंग के आधार पर शराब के प्रभावों का पहली बार गहराई से विश्लेषण किया गया है।
युवाओं के लिए सबसे ज्यादा घातक
अध्ययन के मुताबिक, 15 से 39 वर्ष की आयु के युवाओं को शराब के सेवन से स्वास्थ्य का सबसे गंभीर जोखिम है। वाशिंगटन विश्वविद्यालय के ‘इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन’ (IHME) के विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र में शराब से जुड़ी लगभग 60% दुर्घटनाएं, रोड एक्सीडेंट, आत्महत्या या आपसी हिंसा के रूप में सामने आती हैं।
शोधकर्ताओं ने 204 देशों के करीब 30 साल (1990 से 2020) के आंकड़ों का अध्ययन किया। इसमें सामने आया कि साल 2020 में शराब की वजह से दुनिया भर में लगभग 1.34 अरब मौतें हुईं, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा 15 से 49 वर्ष के लोगों का था।
क्या है सुरक्षित सीमा? (Standard Drink का गणित)
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर की एक सीमित क्षमता होती है। जसलोक हॉस्पिटल के जनरल मेडिसिन कन्सल्टेंट डॉ. रोहन सेकीरा के अनुसार, मानव शरीर अमूमन एक घंटे में केवल एक स्टैंडर्ड ड्रिंक और पूरे दिन में अधिकतम तीन ड्रिंक ही पचा सकता है। इससे ज्यादा पीना सेहत को सीधे नुकसान पहुंचाता है।
वैज्ञानिकों ने सेहत को नुकसान पहुंचाए बिना उपभोग की जाने वाली बेहद सीमित मात्रा (अनुशंसित मात्रा) का भी आकलन किया है:
15-39 वर्ष के पुरुष: प्रतिदिन केवल 0.136 स्टैंडर्ड ड्रिंक (यानी एक सामान्य ड्रिंक का दसवां हिस्सा)।
15-39 वर्ष की महिलाएं: प्रतिदिन केवल 0.273 स्टैंडर्ड ड्रिंक (यानी एक ड्रिंक का लगभग चौथाई हिस्सा)।
एक ‘स्टैंडर्ड ड्रिंक’ का पैमाना: विज्ञान की भाषा में 10 ग्राम शुद्ध अल्कोहल को एक स्टैंडर्ड ड्रिंक माना जाता है। इसे व्यावहारिक रूप में देखें तो:
375 मिलीलीटर बीयर या
100 मिलीलीटर रेड/व्हाइट वाइन या
30 मिलीलीटर हार्ड अल्कोहल (व्हिस्की, वोदका या अन्य स्पिरिट)।
क्या बढ़ती उम्र में मिलता है कोई फायदा?
इस रिसर्च में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया कि 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में यदि वे बेहद सीमित मात्रा (सिर्फ 1 या 2 स्टैंडर्ड ड्रिंक) लेते हैं, तो उनमें दिल की बीमारी, स्ट्रोक और डायबिटीज के जोखिम में मामूली कमी देखी गई है। हालांकि, विशेषज्ञों ने साफ किया है कि इसका मतलब शराब को दवा मानना नहीं है, क्योंकि अत्यधिक सेवन किसी भी उम्र में जानलेवा ही साबित होगा।
ग्लोबल हेल्थ एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया है कि इस स्वास्थ्य संकट और मौतों के बढ़ते आंकड़ों को रोकने के लिए युवाओं को ध्यान में रखकर सख्त नीतियां बनाने की जरूरत है।
















