गैस वितरक पर कानूनी गाज : स्टॉक चेकिंग में गायब मिले सैकड़ों सिलेंडर

रायपुर। बलौदाबाजार में एक गैस एजेंसी के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मामला दर्ज किया है। संयुक्त जांच दल की औचक कार्रवाई में बम्लेश्वरी गैस एजेंसी के स्टॉक में बड़े पैमाने पर हेरफेर पकड़ा गया है। भौतिक सत्यापन के दौरान ऑनलाइन डेटा और गोदाम में मौजूद सिलेंडरों की संख्या मेल नहीं खाई, जिसके बाद मामले की पूरी रिपोर्ट इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) को भी भेज दी गई है।
उपभोक्ताओं की शिकायत पर एक्शन
कलेक्टर के आदेश पर पूरे जिले में गैस वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक और संबंधित ऑयल कंपनी के सेल्स ऑफिसर की एक टीम इस एजेंसी की जांच करने पहुंची थी। दरअसल, प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एजेंसी संचालक ग्राहकों से सही बर्ताव नहीं कर रहा है और वितरण में भी गड़बड़ी की जा रही है।
आंकड़ों का बड़ा खेल
जब टीम ने कंप्यूटर पर दर्ज स्टॉक और मौके पर रखे सिलेंडरों का मिलान किया, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए:
भरे हुए (रिफिल) सिलेंडर: ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुकाबले 346 सिलेंडर कम मिले।
खाली सिलेंडर: रिकॉर्ड से 296 सिलेंडर ज्यादा पाए गए।
कानूनी कार्रवाई: इस भारी अंतर को ‘द्रवित पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण) विनियमन अधिनियम, 2000’ के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट तेल कंपनी को सौंप दी गई है ताकि उनकी तरफ से भी डीलरशिप की शर्तों के तहत कार्रवाई की जा सके। जिला प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों से खिलवाड़ और ब्लैक मार्केटिंग जैसी अनियमितताओं को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
















