रायगढ़ जेल हादसा : बंदी की मौत पर कांग्रेस आक्रामक, प्रशासन पर लगाया जानकारी छिपाने का आरोप

रायगढ़। जिला जेल में निरूद्ध संजय बघेल की मौत का मामला अब पूरी तरह से सियासी तूल पकड़ चुका है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया है। इस समिति के सदस्यों ने हाल ही में दिवंगत बंदी के गृहग्राम पहुँचकर शोकाकुल परिवार से भेंट की और घटना के संबंध में चर्चा की।
मृतक के परिजनों ने कांग्रेस के जांच दल के सामने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि संजय के पास से मात्र 4 लीटर मदिरा जब्त की गई थी, परंतु पुलिस ने फर्जीवाड़ा करते हुए कागजों में इसकी मात्रा 30 लीटर दिखाकर अवैध मामला दर्ज कर लिया। परिवार ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की गुहार लगाई है।
परिजनों से बातचीत के बाद कांग्रेस का यह दल सीधे रायगढ़ जिला जेल पहुँचा ताकि वहां के अधिकारियों से वस्तुस्थिति जानी जा सके। हालांकि, कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जेल प्रबंधन ने उनके साथ सहयोगात्मक रवैया नहीं अपनाया और जरूरी दस्तावेज या जानकारी साझा करने से साफ मना कर दिया।
“कैदी की मौत के संवेदनशील मामले में भी जेल प्रशासन सच्चाई को सामने लाने से बच रहा है। इसके अलावा, रायगढ़ जेल में क्षमता से कहीं ज्यादा कैदियों को ठूंस कर रखा गया है, जो मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।”
— चातुरी नंद, विधायक (सराईपाली)
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच कर दोषियों को जल्द सजा नहीं दी गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। दूसरी तरफ, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले की विभागीय जांच पहले से ही चल रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
















