सुशासन का नया सवेरा : राजनांदगांव को मिली ₹510 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात

कृषक सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बुनियादी ढाँचे और कृषि विकास को रफ्तार
राजनांदगांव। राज्य के नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर देना, गाँवों को समृद्ध बनाना और किसानों के चेहरों पर खुशहाली लाना हमारी सरकार का मुख्य ध्येय है। इसी सोच के साथ देश के प्रधानमंत्री की जनकल्याणकारी नीतियों को धरातल पर उतारा जा रहा है। यह बातें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्थानीय स्टेट हाई स्कूल ग्राउंड में आयोजित ‘प्रगतिशील किसान सम्मेलन’ के दौरान कहीं। इस गौरवमयी समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव जिले की तरक्की के लिए ₹510 करोड़ 89 लाख से अधिक के 333 बुनियादी ढांचागत कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
क्षेत्र को मिलीं कई बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने मंच से जिलेवासियों के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का ऐलान किया:
शिवनाथ नदी (मोहारा मेला ग्राउंड) से लेकर ऑक्सीजन जोन तक एक आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण।
ईरा एनीकट का नया निर्माण व रखरखाव कार्य।
कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी सड़क का निर्माण।
घुमरिया व्यपवर्तन प्रणाली का जीर्णोद्धार।
फसल विविधीकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव के किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि यहाँ के अन्नदाताओं ने पारंपरिक धान की खेती के अलावा दलहन (दालें) और तिलहन (तेल वाले बीज) जैसी नकदी फसलों को अपनाकर जल संरक्षण में एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।
बड़ा ऐलान: ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत, खरीफ 2026 से जो भी किसान धान के बदले अन्य लाभकारी फसलें (जैसे दाल या तेल बीज) उगाएंगे, उन्हें प्रति एकड़ ₹15,000 की इनपुट सब्सिडी (आदान सहायता) दी जाएगी, ताकि उनकी कमाई बढ़ सके।
इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ और समय पर खाद-बीज की उपलब्धता कराकर सरकार किसानों को आर्थिक संबल दे रही है।
डिजिटल गवर्नेंस और बिजली बिल से राहत
प्रशासन को पारदर्शी और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने दो बड़े कदमों का जिक्र किया:
सीएम हेल्पलाइन 1076: जहां आम जनता सीधे अपनी शिकायत दर्ज कराकर तय समय में समाधान पा सकती है।
ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल: इसके जरिए अब जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र जैसी करीब 400 से ज्यादा सरकारी सेवाएं लोग घर बैठे हासिल कर रहे हैं।
इसके अलावा, ‘बिजली बिल समाधान योजना’ और ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के जरिए जनता के जेब का बोझ कम किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल (रूफटॉप सोलर) जरूर लगवाएं।
महिला स्वयं सहायता समूहों की सराहना और महत्वपूर्ण समझौते
समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पद्मश्री फूलबासन बाई यादव और उनके महिला स्व-सहायता समूह की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि इस ग्रुप की महिलाओं ने चिलचिलाती धूप में गांवों का दौरा कर किसानों को जल संरक्षण और फसल बदलने के प्रति जागरूक किया, जिसका असर आज खेतों में दिख रहा है।
कार्यक्रम की अन्य मुख्य झलकियाँ:
व्यापारिक समझौता (MoU): जिला प्रशासन और एबीस एक्सपोर्ट्स के बीच एक अहम समझौता हुआ, जिसके तहत किसानों से उनके सोयाबीन की उपज सीधे खरीदी जाएगी।
सम्मान समारोह: प्रगतिशील कृषकों, कृषि सखी दीदियों, सरपंचों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को बेहतर काम के लिए सम्मानित किया गया।
कृषि किट: फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को उन्नत बीजों की मिनी किट बांटी गईं।
इस बड़े आयोजन के दौरान जिले के प्रभारी मंत्री गजेंद्र यादव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
















