ED का बड़ा एक्शन : अभिनेता शेखर सुमन के करीबी के ठिकानों पर छापा, विदेशों में बेनामी संपत्ति का खुलासा

मुंबई (एजेंसी)। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फिल्म जगत से जुड़े एक बड़े मामले में शुक्रवार को मुंबई में ताबड़तोड़ छापेमारी की। केंद्रीय एजेंसी की यह कार्रवाई जाने-माने अभिनेता शेखर सुमन के बिजनेस पार्टनर और करीबी सहयोगी धर्मेश संघानी के ठिकानों पर हुई है। संघानी पर बिना घोषित किए विदेशी बैंक खाते चलाने और संदिग्ध सीमा-पार लेनदेन (Cross-Border Transactions) करने के गंभीर आरोप हैं।
फेमा नियमों के उल्लंघन का मामला
धर्मेश संघानी ‘कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी के सक्रिय निदेशक हैं और फिल्म निर्माण क्षेत्र में भी उनकी हिस्सेदारी है। ईडी ने यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के तहत की है।
जांच के दौरान जो मुख्य बातें सामने आई हैं, वे इस प्रकार हैं:
लापता एक्सपोर्ट मनी: विदेशों में किए गए एक्सपोर्ट का जो पैसा भारत आना चाहिए था, वह तय समय बीतने के बाद भी देश नहीं पहुंचा।
नियमों की अनदेखी: बकाया रकम को वापस लाने के लिए न तो बैंक से समय बढ़ाने की इजाजत ली गई और न ही कोई कानूनी प्रयास किए गए।
थर्ड-पार्टी पेमेंट: शिपिंग बिल में दर्ज खरीदारों के बजाय किसी तीसरी अनजान पार्टी से पैसों का लेनदेन किया गया।
‘शेखर सुमन फिल्म एकेडमी’ भी जांच के घेरे में
इस पूरे मामले के तार शेखर सुमन के ड्रीम प्रोजेक्ट से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच एजेंसी ‘शेखर सुमन फिल्म एकेडमी’ के साथ धर्मेश संघानी के वित्तीय संबंधों को खंगाल रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि संघानी इस संस्थान के सह-संस्थापक (Co-founder) हो सकते हैं।
कनाडा, अमेरिका और यूएई तक फैले बेनामी खाते
ईडी की तलाशी में कई ऐसे दस्तावेज हाथ लगे हैं जो संघानी की गुप्त विदेशी संपत्तियों की गवाही देते हैं। जांच में सामने आया है कि:
संघानी की कनाडा की एक कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है, जिसे उन्होंने भारतीय अथॉरिटीज से छिपाकर रखा था।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी एक अघोषित बिजनेस एंटिटी का पता चला है।
अब तक की जांच में कनाडा, अमेरिका और यूएई में कई अघोषित विदेशी बैंक खातों और संदिग्ध ट्रांजेक्शन की पहचान हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की नजर: धर्मेश संघानी के कुछ संदिग्ध लेनदेन इतने पेचीदा हैं कि भारतीय एजेंसी ईडी के साथ-साथ अब अमेरिका और ब्रिटेन (UK) के कस्टम अधिकारी भी अपने स्तर पर इन ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
















