सीएम साय ने जांबाज जवानों को किया सम्मानित, कहा – “अनुशासित पुलिस बल ही सुरक्षित छत्तीसगढ़ की रीढ़”

बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे से लेकर वैश्विक खेल मंच तक, प्रदेश की पुलिस ने गाड़े सफलता के झंडे
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस बल के त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा है कि जवानों का समर्पण ही राज्य की शांति, सुरक्षा और समृद्धि की असली ताकत है। राजधानी के शांति नगर में आयोजित ‘जज़्बा पुलिस अवॉर्ड्स-2026’ समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट सेवा देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया।
नक्सल मोर्चे पर ऐतिहासिक सफलता
मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में हिंसा के अंत और विकास के नए युग की शुरुआत का श्रेय सुरक्षा बलों के अदम्य साहस को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन और राज्य पुलिस के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद पर निर्णायक बढ़त हासिल की जा सकी है। अस्पतालों में घायल जवानों से मुलाकात के अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि गंभीर स्थिति में भी जवानों का हौसला डिगा नहीं और वे ठीक होकर पुनः मोर्चे पर लौटने को तत्पर दिखे—यही जज़्बा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है।
खेल और कर्तव्य का बेहतरीन तालमेल
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा (53 किग्रा) में रजत पदक जीतने वाली सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने 199 किग्रा भार उठाकर न केवल पदक जीता, बल्कि यह भी साबित किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान मैदान-ए-जंग के साथ-साथ खेल के मैदान में भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
इन क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य के लिए मिले पुरस्कार
कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था के अलावा आधुनिक पुलिसिंग के विभिन्न मापदंडों पर खरा उतरने वाले कर्मियों को पुरस्कृत किया गया, जिनमें शामिल हैं:
तकनीकी व नवाचार: साइबर अपराध नियंत्रण, ई-मालखाना प्रबंधन और नए आपराधिक कानूनों का कुशल क्रियान्वयन।
महिला सुरक्षा व सामुदायिक सेवा: पिंक पेट्रोल यूनिट, महिला हेल्पलाइन और सोशल मीडिया के जरिए जन-जागरूकता।
अनुसंधान: जटिल मामलों का सफल अन्वेषण और सामुदायिक पुलिसिंग।
मीडिया और पुलिस का तालमेल
समारोह में पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने कहा कि मीडिया द्वारा जवानों के सराहनीय कार्यों को पहचान देना पूरे बल के मनोबल को बढ़ाता है। इससे पुलिस को जन-अपेक्षाओं को समझकर अधिक जनोन्मुखी बनने में मदद मिलती है। वहीं मुख्यमंत्री साय ने भी सकारात्मक पत्रकारिता को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि जवानों की सफलता की गाथाएं समाज में प्रेरणा जगाती हैं।
















