छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का कहर : सीएम साय ने जिलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के दिए सख्त निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग द्वारा रेड व येलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद राज्य सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश के सभी कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों (SPs) और संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड पर रहने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता की सुरक्षा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है, और इस कार्य में जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों से तुरंत सुरक्षित निकासी के आदेश
मुख्यमंत्री साय ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जलभराव और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों पर लगातार नजर रखें। आपदा प्रबंधन की योजना बनाते हुए जोखिम वाले स्थानों से लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जाए, ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।
राहत शिविरों में मिलेंगी बुनियादी सुविधाएं
प्रशासन को राहत शिविरों में पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं। शिविरों में:
शुद्ध पेयजल, भोजन और दवाइयों की व्यवस्था रहेगी।
बिजली, स्वच्छता और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी।
बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाओं का ध्यान रखने को कहा गया है।
सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम करेंगी
आपदा से निपटने के लिए NDRF, SDRF, पुलिस, नगर सेना, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग जैसी सभी प्रमुख एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। नावों, राहत सामग्रियों और जीवनरक्षक उपकरणों को पूरी तरह से मुस्तैद रखा गया है।
24 घंटे होगी कंट्रोल रूम से निगरानी
राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर चौबीसों घंटे नदियों, नालों और बांधों के जलस्तर पर नज़र रखी जा रही है। अधिकारियों को स्थिति का लगातार आकलन कर तुरंत निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है।
आम जनता से अपील
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के नागरिकों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है। उन्होंने अपील की है कि लोग उफान पर आई नदियों, नालों और जलभराव वाले इलाकों के पास न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का सख्ती से पालन करें।
















