धमतरी-राजिम : गंगरेल से छोड़ा गया पानी, महानदी उफान पर, नाला पार करने खाट का सहारा

धमतरी। कैचमेंट एरिया में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगरेल (रविशंकर सागर) जलाशय में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बांध के 6 रेडियल गेट खोलकर महानदी में जल निकासी की जा रही है। वर्तमान में 10,400 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड प्रवाहित हो रहा है, जबकि इससे पूर्व जल निकासी का आंकड़ा 53,000 क्यूसेक प्रति सेकंड तक पहुंच गया था। पानी के बहाव से नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
अस्पताल पहुंचने के लिए खाट पर नाला पार करने की मजबूरी
सिहावा-नगरी अंचल में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। नगरी ब्लॉक की लटियारा पंचायत के चर्रा (कच्छारपारा) स्थित डुमर नाले पर पुल न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शनिवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित गोपेश कुमार पटेल की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर उन्हें खाट पर लिटाया और उफनते नाले को पार कराकर अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय सरपंच रुपेश कुमार ध्रुव और ग्रामीणों ने शासन से नाले पर जल्द से जल्द पुलिया बनाने की मांग की है।
राजिम और नवापारा के तटीय क्षेत्रों में अलर्ट
ऊपरी क्षेत्रों में हुई बारिश का असर राजिम और नवापारा में भी साफ नजर आ रहा है। त्रिवेणी संगम समेत आसपास के इलाकों में महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे नदी पर बने पांचों एनीकट जलमग्न हो चुके हैं। प्रसिद्ध कुलेश्वरनाथ महादेव और पंचेश्वरनाथ महादेव मंदिर के आसपास पानी का फैलाव काफी बढ़ गया है। सिंचाई विभाग के अभियंता आयुष सिंह के अनुसार तटीय गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और ग्रामीणों को नदी के करीब न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
















