काजोल का 52वां जन्मदिन : बेखौफ अभिनय से रचा इतिहास, विलेन बनकर बनाया था अनोखा रिकॉर्ड

नई दिल्ली (एजेंसी)। हिंदी सिनेमा की सबसे सशक्त और बहुमुखी प्रतिभा की धनी अभिनेत्रियों में शुमार काजोल आज अपना 52वां जन्मदिन मना रही हैं। तीन दशकों से अधिक के अपने शानदार करियर में उन्होंने अपनी सहज अभिनय शैली, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और बेबाक अंदाज से दर्शकों के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ी है।
फिल्मी खानदान से शुरुआत और पहला कदम
5 अगस्त 1974 को मुंबई में जन्मी काजोल का नाता बॉलीवुड के बेहद प्रतिष्ठित परिवारों से है। उनकी मां तनूजा हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रही हैं, जबकि पिता शोमू मुखर्जी जाने-माने निर्माता-निर्देशक थे। महान अदाकारा नूतन उनकी मौसी थीं। महज 17 साल की उम्र में, जब वे स्कूल की पढ़ाई कर रही थीं, उन्होंने वर्ष 1992 में फिल्म ‘बेखुदी’ से अपने अभिनय सफर का आगाज किया। आगे चलकर अभिनेता अजय देवगन से विवाह के बाद वे फिल्मी दुनिया के एक और बड़े घराने की बहू बनीं।
‘DDLJ’ और शाहरुख खान के साथ आइकॉनिक जोड़ी
साल 1995 काजोल के करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में उनके ‘सिमरन’ के किरदार ने उन्हें घर-घर में अपार लोकप्रियता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिलाया। शाहरुख खान के साथ उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री—’बाजीगर’, ‘करण अर्जुन’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘कभी खुशी कभी गम’—आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और पसंदीदा जोड़ियों में गिनी जाती है।
नेगेटिव रोल से रचा ऐतिहासिक रिकॉर्ड
काजोल की सबसे बड़ी खासियत रही है लीक से हटकर जोखिम भरे किरदार चुनना। वर्ष 1997 में आई सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘गुप्त’ में उन्होंने नकारात्मक (विलेन) भूमिका निभाकर सभी को चौंका दिया। उनके इस दमदार अभिनय को इतनी सराहना मिली कि वे नकारात्मक भूमिका के लिए प्रमुख फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने वाली भारतीय सिनेमा की पहली महिला अभिनेत्री बनीं।
करण जौहर की ‘लकी चार्म’ से लेकर OTT की क्वीन तक
मशहूर निर्देशक करण जौहर काजोल को अपनी फिल्मों का ‘लकी चार्म’ मानते हैं। बड़े पर्दे के अलावा काजोल ने तमिल सिनेमा और डिजिटल प्लेटफॉर्म (OTT) पर भी अपनी धाक जमाई है। ‘त्रिभंगा’, ‘द ट्रायल’, ‘लस्ट स्टोरीज 2’, ‘दो पत्ती’ और ‘सरजमीं’ जैसे प्रोजेक्ट्स में उनके नए अवतार को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा खूब सराहा गया है। उम्र के इस पड़ाव पर भी नए और चुनौतीपूर्ण किरदार चुनने का उनका जज्बा उन्हें बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में बनाए हुए है।
















