राजनांदगांव में ₹43.61 करोड़ के विकास कार्यों की आधारशिला : ₹15.92 करोड़ की लागत से बनेगा राज्य का सबसे बड़ा 2000-सीटरी ऑडिटोरियम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर को बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से ₹43.61 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात मिली है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संयुक्त रूप से इन विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन किया।
₹15.92 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य ऑडिटोरियम
इस विकास पैकेज का मुख्य आकर्षण ₹15.92 करोड़ की लागत से बनने वाला 2,000 सीटों की क्षमता वाला प्रदेश का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम है। इस बहुउद्देशीय परिसर में बड़े सांस्कृतिक व शासकीय आयोजनों के लिए आधुनिक सुविधाएं, विशाल कॉरिडोर, विस्तृत पार्किंग और एक समय में लगभग 1,000 लोगों के लिए भोजन व्यवस्था (डाइनिंग हॉल) की सुविधा होगी।
विभिन्न मदों के तहत स्वीकृत कार्य:
15वां वित्त आयोग: सड़क, नाली और विद्युतीकरण के लिए ₹12.09 करोड़ तथा वार्डों में पाइपलाइन विस्तार हेतु ₹3.02 करोड़ आवंटित।
अधोसंरचना मद: ₹11.57 करोड़ की लागत से सड़कों, नालियों, मुक्तिधामों के उन्नयन और सामुदायिक भवनों का निर्माण।
मुख्यमंत्री घोषणा मद: 4 वार्डों में ₹1 करोड़ की लागत से पेयजल व्यवस्था, सड़क और सामुदायिक निर्माण कार्य।
पर्यावरण पहल: कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को 1,000 पौधों का भी वितरण किया गया।
प्रमुख चौकों का सौंदर्यीकरण और जल निकायों का कायाकल्प
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी दी कि शहर के गांधी चौक, पोस्ट ऑफिस चौक और नंदई चौक के सौंदर्यीकरण के लिए ₹3 करोड़ की योजना अंतिम चरण में है। इसके अतिरिक्त:
तालाबों का जीर्णोद्धार: रानी सागर और बूढ़ा सागर के पुनर्विकास के लिए ₹14 करोड़ का खाका तैयार किया गया है।
सड़क चौड़ीकरण व निर्माण: जीई रोड से लखोली तक (₹6.85 करोड़), आरके नगर से डोंगरगांव रोड (₹6.90 करोड़) और कन्हारपुरी से तिरंगा चौक तक (₹5.50 करोड़) के कार्य शीघ्र स्वीकृत होंगे।
पेयजल व जल शोधन: मोहारा जल संयंत्र की मरम्मत के लिए ₹4 करोड़ और ढाबा, गौरीनगर व गोकुलनगर में ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए ₹12.61 करोड़ की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।
स्वच्छता और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने राजनांदगांव को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने का संकल्प लिया। सांसद संतोष पाण्डेय ने क्षेत्र में चल रही प्रमुख रेल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि परमालकसा से खरसिया तक नई रेल लाइन का कार्य जारी है और डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन को स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही राजनांदगांव और डोंगरगढ़ स्टेशनों को ‘अमृत मॉडल स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इस अवसर पर स्थानीय महापौर मधुसूदन यादव, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व नागरिक मौजूद रहे।
















