छत्तीसगढ़ के पहले लोक पर्व ‘हरेली’ की राज्यवासियों को शुभकामनाएं : श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कृषि और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने राज्य के निवासियों को पारंपरिक हरेली तिहार की हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कृषि प्रधान राज्य होने के नाते छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक और लोक जीवन में हरेली का विशेष महत्व है। यह वर्ष का पहला लोक त्योहार है, जिसके साथ ही प्रदेश में पर्वों की शुरुआत होती है। इस अवसर पर किसान हल और खेती के अन्य उपकरणों का पूजन करते हैं, जो राज्य की समृद्ध कृषि परंपरा को दर्शाता है। साथ ही, यह पर्व प्रकृति और पेड़-पौधों के संरक्षण का संदेश भी देता है।
मंत्री देवांगन ने बताया कि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली है। पिछले दो सालों के भीतर विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं। वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़कर 27.53 लाख हो गई है और कृषि रकबा 33.08 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है। इसी सत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के रूप में 33,431.19 करोड़ रुपये तथा बोनस के तौर पर 10,292.30 करोड़ रुपये का पारदर्शी भुगतान किसानों को किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए फैसलों से खेती-किसानी अधिक लाभदायक और आसान हुई है। छत्तीसगढ़ देश का इकलौता ऐसा राज्य है जहां किसानों को उनकी धान की फसल का सबसे अधिक मूल्य मिल रहा है। अपने संदेश के अंत में मंत्री देवांगन ने सभी नागरिकों की समृद्धि की कामना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधरोपण करने का आह्वान किया।
















