ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर शिकंजा कसने की तैयारी में अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी

नई दिल्ली (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सहायता प्रदान करने वाले राष्ट्रों और वैश्विक संस्थाओं को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ किसी भी तरह के आर्थिक या व्यावसायिक संबंध रखने वालों को गंभीर नतीजों का सामना करना पड़ेगा। वाशिंगटन अब तेहरान की अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों और वित्तीय रास्तों को पूरी तरह से ठप करने के लिए एक व्यापक अभियान की योजना बना रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी एक बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान की मदद करने वाले देश अमेरिकी प्रतिबंधों से नहीं बच पाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी देश के बैंक, निजी कंपनियां, हवाई अड्डे या सरकारी तंत्र तेहरान के लिए व्यापार के दरवाजे खोलते हैं, तो उन पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हालांकि, अपने इस बयान में उन्होंने किसी विशेष देश या भावी कानूनी कदमों का ब्योरा नहीं दिया।
अवैध कारोबार और वित्तीय नेटवर्क पर रहेगी कड़ी नजर
अमेरिका की इस नई रणनीति के केंद्र में ईरान के उन रास्तों को बंद करना है जिनके जरिए वह आर्थिक मदद हासिल करता है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
तेल का अवैध व्यापार और उसकी तस्करी
अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग लेनदेन और नकद पैसों का स्थानांतरण
फर्जी कंपनियों और एक्सचेंज हाउस के जरिए कारोबार
विदेशी झंडे तले जहाजों का पंजीकरण
समझौते के अवसर खारिज करने का दावा
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने पूर्व में तेहरान को कूटनीतिक समझौतों के कई अवसर दिए थे, जिन्हें ईरान ने ठुकरा दिया। इसी के जवाब में अब अमेरिका उस पर अभूतपूर्व स्तर का आर्थिक दबाव बनाने और उसे वैश्विक बाजार से अलग-थलग करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
उन्होंने सहयोगी देशों से भी अपील की है कि वे ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से बाहर करने में सहयोग करें। ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया कि अमेरिका ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार विकसित करने की इजाजत नहीं देगा।
















