बढ़ती कीमतों पर नकेल : चीनी के थोक विक्रेताओं के लिए नया स्टॉक नियम जारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में चीनी के तेजी से बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। नए सरकारी आदेश के तहत, प्रति माह 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी की खपत या कारोबार करने वाले डीलरों के लिए अब केवल 15 दिनों का स्टॉक रखने की सीमा तय कर दी गई है। यह नियम 1 सितंबर से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।
स्टॉक सीमा घटाने की मुख्य वजहें:
त्योहारी सीजन में खपत: अगस्त से नवंबर के दौरान गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे पर्वों के कारण चीनी की मांग काफी बढ़ जाती है। इस अवधि में बिस्किट और मिष्ठान बनाने वाली कंपनियां पहले ही बड़ा स्टॉक जमा करने लगती हैं।
विफल रहे पुराने प्रयास: इससे पहले जुलाई में सरकार ने 30 दिनों की स्टॉक सीमा तय की थी, लेकिन इसके बावजूद बीते महीने चीनी की कीमतों में 10% का उछाल दर्ज किया गया और भाव रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए।
मौसम का असर: अनिश्चित मानसूनी बारिश और सूखे मौसम के चलते गन्ने की पैदावार प्रभावित हुई है, जिससे आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
आपूर्ति सुधारने के अन्य उपाय
चीनी आम जनता के लिए एक आवश्यक खाद्य वस्तु है, इसलिए सरकार बाजार में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। 15 दिनों की स्टॉक लिमिट के अलावा, सरकार सीमित मात्रा में शुल्क-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) चीनी आयात करने की संभावना पर भी विचार कर रही है। इससे पहले घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए मई में कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
















