खाड़ी संकट : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नौसेना का विशेष अभियान, रात्रि में सुरक्षित निकाले जा रहे तेल टैंकर

नई दिल्ली (एजेंसी)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए एक विशेष समुद्री गलियारा तैयार किया है। ओमान के तटीय जलक्षेत्र के पास दक्षिणी चैनल के माध्यम से हर रात 15 से 20 टैंकरों के बेड़े को सुरक्षित निकाला जा रहा है।
इस गुप्त नौसैनिक मार्ग के जरिए रोजाना लगभग 1 करोड़ बैरल कच्चे तेल का परिवहन हो रहा है, जो सामान्य आपूर्ति क्षमता का करीब आधा हिस्सा है। इस रणनीतिक कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों और आपूर्ति पर बढ़ रहा दबाव कम हुआ है।
अभियान की कार्यप्रणाली
द्विपक्षीय आवाजाही: अमेरिकी नौसेना केवल तेल से भरे जहाजों की निकासी ही नहीं कर रही, बल्कि अरब सागर से खाली टैंकरों को खाड़ी देशों में प्रवेश कराकर री-फिलिंग के बाद सुरक्षित वापस भी ला रही है।
समयबद्ध शेड्यूल: जहाजों के संचालन के लिए हर रात अलग-अलग समय सारणी निर्धारित की जाती है, जिससे किसी भी तरह के संभावित खतरे को टाला जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था और हवाई सुरक्षा
ईरानी हवाई हमलों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के खतरे को देखते हुए इस मार्ग की सुरक्षा के लिए अमेरिकी लड़ाकू विमान लगातार गश्त कर रहे हैं। रक्षा अधिकारियों के अनुसार हालिया कार्रवाई में ईरान के नौसैनिक रडार और सर्विलांस सिस्टम को क्षति पहुंची है, जिससे इस दक्षिणी क्षेत्र में उसकी निगरानी क्षमता प्रभावित हुई है। हालांकि क्षेत्र में संघर्ष जारी है और अमेरिकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने हाल में कई ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट किया है।
राजनीतिक परिदृश्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभियान की सफलता की ओर इशारा करते हुए कहा कि जलडमरूमध्य के रास्ते भारी मात्रा में तेल की आपूर्ति जारी है। उन्होंने फिलहाल ईरान के साथ किसी भी कूटनीतिक बातचीत से इनकार किया है। वैश्विक ऊर्जा संकट को टालने के लिए अमेरिका द्वारा स्थापित यह नौसैनिक गलियारा मौजूदा सैन्य संघर्ष के दौरान एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
















