केवल नियम नहीं….पूरी नीति बदल रही सरकार, PM बोले- लागू कर रहे हैं अगली पीढ़ी के सुधार

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन व्यवस्था और आर्थिक प्रगति को गति देने के लिए दूरगामी सुधारों को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल प्रक्रियाओं या नियमों में मामूली बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इनसे जुड़ी नीतियों का पूरी तरह पुनर्गठन कर रही है।
आर्थिक स्थिरता और नई नीतिगत दिशा
पारदर्शिता और स्वतंत्रता: लाइसेंस व्यवस्था के दौर को पीछे छोड़ते हुए ऐसी नीतियों पर काम जारी है, जहां कानून के दायरे में स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित कार्यों को छोड़कर किसी अन्य गतिविधि के लिए अलग से मंजूरी लेने की जरूरत न पड़े।
वैश्विक पटल पर भारत: वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत को एक मजबूत और स्थिर विकास केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।
पारंपरिक बाधाओं का अंत: पिछली व्यवस्थाओं के कारण उत्पन्न अभाव और अत्यधिक निर्भरता को समाप्त कर नए अवसरों के सृजन पर बल दिया जा रहा है।
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और युवा उद्यमिता
अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े दो दर्जन से अधिक नए स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के दौरान सरकार ने तकनीकी विस्तार को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया:
बहुआयामी अनुप्रयोग: अंतरिक्ष तकनीक का दायरा केवल उपग्रहों तक सीमित न रखकर कृषि, पर्यावरण, पशुधन प्रबंधन और दैनिक जनजीवन की सुविधाओं में बढ़ाने पर जोर दिया गया।
वैश्विक नेतृत्व की ओर: भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और अंतरिक्ष कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में तकनीकी समन्वय स्थापित करने की दिशा में कार्य हो रहा है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक सरलीकरण
मैपिंग नियमों में ढील: भू-स्थानिक (जिओस्पेशियल) क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए नक्शे और मैपिंग से जुड़ी जटिल अनुमति प्रक्रियाओं को समाप्त कर दिया गया है।
सीमांत बुनियादी ढांचा: सीमावर्ती क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर स्थानीय व्यवस्था में बदलाव लाया गया है।
आधुनिक परिवहन: मेट्रो, नमो रैपिड रेल और रेलवे नेटवर्क में किए जा रहे सुधारों को देश की सतत प्रगति का प्रमाण बताया गया है।
















