रायपुर में कंवर समाज का शपथ ग्रहण समारोह : मुख्यमंत्री साय ने दी 1.55 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति का राज्य स्तरीय शपथ ग्रहण और वृक्षारोपण कार्यक्रम रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषक सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए 1.55 करोड़ रुपये से अधिक की विकास राशि की घोषणा भी की।
शिक्षा ही उन्नति का आधार: मुख्यमंत्री साय
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा को समाज के विकास की पहली सीढ़ी बताया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर: उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यह हम सभी का दायित्व है। शिक्षा का मकसद केवल सरकारी नौकरी पाना नहीं, बल्कि एक बेहतर उद्यमी, समाज सेवी और जिम्मेदार नागरिक बनना है।
सरकारी प्रयास और सामाजिक सहयोग: प्रदेश में 17 ‘प्रयास’ विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने समाज के सक्षम नागरिकों से जरूरतमंद और मेधावी बच्चों को सहयोग देने का आह्वान किया।
संगठन की एकजुटता: कंवर समाज के पदाधिकारियों का निर्विरोध चुना जाना संगठन की मजबूती को दर्शाता है।
जनहितकारी योजनाओं से सामाजिक और आर्थिक प्रगति
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कई योजनाओं की स्थिति साझा की:
आवास और धान खरीदी: प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी जारी है।
महतारी वंदन योजना: लगभग 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।
तेंदूपत्ता संग्राहक व अन्य लाभ: तेंदूपत्ता संग्रहण दर को बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है और ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः शुरू किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10,000 रुपये वार्षिक सहायता दी जा रही है।
तीर्थ यात्रा: ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के तहत बीते ढाई वर्षों में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम के दर्शन किए हैं।
जनजातीय विकास और सुरक्षा का नया दौर
राज्य और केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए उठाए गए कदमों पर मुख्यमंत्री ने प्रकाश डाला:
पीएम जनमन योजना: विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए योजना लागू है। देश भर में स्वीकृत सड़कों में से 2,000 किलोमीटर से अधिक की सड़कें छत्तीसगढ़ में बन रही हैं। दूरस्थ इलाकों में 57 एम्बुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
बस्तर में शांति और विकास: ‘नियद नेल्लानार योजना’ के जरिए बीते ढाई वर्षों में बस्तर के 500 से ज्यादा गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। नक्सलवाद पर प्रभावी अंकुश से बस्तर में विकास, रोजगार और शांति का नया माहौल बना है।
प्राकृतिक संसाधन: बस्तर के वनोपज के मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर जोर दिया जा रहा है और राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
कंवर समाज को मिली प्रमुख सौगातें
मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक भवनों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की:
क्षेत्र / स्थान,परियोजना,स्वीकृत राशि
लाभांडी (रायपुर),निर्माणाधीन कंवर भवन का अधोसंरचना विकास,₹70 लाख
छुरिया परिक्षेत्र (राजनांदगांव),कंवर समाज भवन,₹25 लाख
ग्राम झलप,सामाजिक भवन निर्माण एवं जीर्णोद्धार,₹20 लाख
तमोरा सर्कल,सामुदायिक शेड निर्माण,₹10 लाख
ग्राम खैरझिटी,आदिवासी कंवर (पैंकरा) समाज भवन,₹10 लाख
ग्राम नरतोरा (महासमुंद),सामाजिक भवन,₹10 लाख
ग्राम जोजरा (गरियाबंद),कंवर समाज भवन,₹10 लाख
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सिंदूर का पौधा लगाया। इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद नंदकुमार साय, कंवर समाज विकास समिति के अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी, पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर सहित समाज के अनेक वरिष्ठ प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
















