बस्तर की नई पहचान : हिंसा नहीं, अब प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन बनेगा विकास का मुख्य आधार : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की वैश्विक छवि को बदलने और वहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास में लेह-लद्दाख के अध्ययन दौरे (Exposure Visit) से वापस लौटे पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर के बदलते परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए।
हिंसा का दौर खत्म, अब शांति और प्रगति की राह पर बस्तर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, जंगलों, झरनों और समृद्ध जनजातीय धरोहरों से समृद्ध बस्तर की छवि लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के कारण प्रभावित रही। हालांकि, अब स्थिति में बहुत बड़ा बदलाव आया है। प्रभावी कदमों के चलते सुरक्षा और शांति का माहौल बना है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और पर्यटन के क्षेत्र में विकास के नए रास्ते खुले हैं।
पर्यटन से मजबूत होगी स्थानीय अर्थव्यवस्था
लद्दाख के पर्यटन मॉडल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री साय ने रेखांकित किया कि किस तरह योजनाबद्ध पर्यटन किसी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकता है। बस्तर में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से:
स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
होम-स्टे, हॉस्पिटैलिटी, गाइड सेवा और परिवहन क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
बस्तर के पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय खान-पान और वनोपज को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया बाजार मिलेगा।
सकारात्मक बदलाव में मीडिया की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों का आह्वान किया कि वे बस्तर के नैसर्गिक सौंदर्य, लोक-कला और सांस्कृतिक ताने-बाने की सकारात्मक कहानियों को देश-दुनिया के सामने लाएं। जब राष्ट्रीय मीडिया के माध्यम से बस्तर की वास्तविक सुंदरता उभरेगी, तब जनमानस में बनी पुरानी धारणाएं बदलेंगी और पर्यटक बेझिझक बस्तर का भ्रमण करने आएंगे।
इस सौजन्य मुलाकात के दौरान पत्रकारों ने लद्दाख में पर्यटन प्रबंधन, आजीविका के साधनों और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अपने अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित कई वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।
















