सुकमा में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई : जंगलों में छिपा नक्सली हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले स्थित भेज्जी थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। भण्डारपदर के जंगल और पहाड़ी इलाके में चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया (डंप) हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री का बड़ा भंडार जब्त किया गया।
बरामदगी के मुख्य बिंदु
हथियार: कुल 23 हथियार बरामद किए गए, जिनमें एसएलआर (SLR), .315 रायफल, .410 मस्केट, 6 बीजीएल (BGL) लॉन्चर और 12 बोर रायफल शामिल हैं।
गोला-बारूद: विभिन्न हथियारों (एसएलआर, इंसास, .303, .315 और 12 बोर) के 447 जिंदा कारतूस मिले।
विस्फोटक सामग्री: 240 जिलेटिन की छड़ें, 18 किलोग्राम गन पाउडर, 5 देशी हैंड ग्रेनेड और भारी मात्रा में बीजीएल सेल जब्त किए गए।
यह पूरी कार्रवाई हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली सटीक खुफिया जानकारी (इंटेलिजेंस) के आधार पर की गई। सुरक्षा बलों की टीम ने भण्डारपदर के दुर्गम इलाकों को चिन्हित कर गहराई से तलाशी ली, जिससे नक्सलियों का यह ठिकाना ध्वस्त हो सका।
पुलिस अधीक्षक (SP) मयंक गुर्जर ने स्पष्ट किया कि आत्मसमर्पित माओवादियों द्वारा बताए गए स्थानों पर अब भी ऐसे कई डंप मौजूद हो सकते हैं। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इन सभी गुप्त भंडारों को समय पर खोजकर नष्ट करना है ताकि इन घातक हथियारों का दुरुपयोग न हो सके और यह किसी गलत हाथ में न पड़ें। एसपी ने यह भी बताया कि क्षेत्र में लगातार डिमाइनिंग (आईईडी हटाने) की प्रक्रिया जारी है और सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थानीय लोगों व जवानों को आईईडी (IED) खतरों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
















