किसानों के लिए बड़ी राहत : अब दिन में भी मिलेगी सिंचाई के लिए बिजली, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब राज्य के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए रात के बजाय दिन के समय भी बिजली आपूर्ति की जाएगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर के कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेला’ को वर्चुअली संबोधित करते हुए दी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्योपुर मंडी में किसानों की सुविधा हेतु ₹60 लाख की लागत से बनने वाले नए विश्राम गृह के निर्माण की घोषणा की। ग्वालियर एयरपोर्ट से जुड़े इस ऑनलाइन आयोजन में राज्य के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, वन विकास निगम अध्यक्ष रामनिवास रावत और अपेक्स बैंक अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव भी शामिल हुए।
कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े मुख्य बिंदु:
ऋण भुगतान अवधि में विस्तार: ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर दिए जाने वाले फसल ऋण के भुगतान की सीमा बढ़ा दी गई है। अब किसान ऋण लेने की तिथि से पूरे एक वर्ष के भीतर इसे चुका सकेंगे।
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर जोर: किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार और डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्योपुर में गेहूं और धान के साथ मोटे अनाजों (श्री अन्न) की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन: कक्षा 12वीं में 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को लैपटॉप क्रय करने के लिए ₹25,000 की राशि हस्तांतरित की गई है। मुख्यमंत्री ने लोगों से फिजूलखर्ची से बचकर सामूहिक विवाह जैसी परंपराओं को अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम राडेप के किसान मुकुट चौधरी से बातचीत की, जिन्होंने पराली प्रबंधन उपकरण (सुपर सीडर) पर मिले ₹1.20 लाख के अनुदान का अनुभव साझा किया।
महोत्सव में उन्नत कृषि पद्धतियों, पशुपालन और मत्स्य पालन की प्रदर्शनियां लगाई गईं, साथ ही कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। इस अवसर पर क्षेत्र के कई प्रगतिशील किसानों और प्रतिभावान विद्यार्थियों को शॉल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
















