साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव : मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान कृषि एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय अत्यधिक सावधानी और जागरूकता रखना बेहद जरूरी है। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य शिक्षकों और विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना है।
सावधानी न बरतने पर साइबर अपराधों में उछाल
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रायपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि बीते चार वर्षों में देश के भीतर साइबर अपराध 12 गुना तक बढ़ चुके हैं, जबकि ठगी की राशि में 40 गुना का बड़ा इजाफा हुआ है। वर्तमान में देशभर में रोजाना औसतन 61 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो रही है। ठग रोज नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक विशेष जागरूकता अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक छह सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके जरिए विद्यार्थियों, बैंक खाताधारकों, वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत किया जा रहा है।
साइबर ठगी के प्रमुख तरीके:
फर्जी कॉल व ओटीपी फ्रॉड: व्यक्तिगत और बैंक संबंधी जानकारी मांगकर धोखाधड़ी।
फिशिंग लिंक्स: अनजान लिंक्स के जरिए डेटा चोरी।
डिजिटल अरेस्ट व फर्जी योजनाएं: फर्जी पुलिस या एजेंसी बनकर डराना, और कम समय में अधिक मुनाफे वाले निवेश/नौकरी का लालच देना।
सुरक्षा के महत्वपूर्ण सुझाव और हेल्पलाइन
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी निजी जानकारी जैसे ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम विवरण या बैंक डिटेल्स किसी के साथ भी साझा न करें।
तत्काल शिकायत: किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
ऑनलाइन पोर्टल: नागरिक अपनी शिकायत www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज करा सकते हैं।
इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
















