छत्तीसगढ़

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 11 सितंबर को सक्ती (जेठा)में करेंगे ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास, आवास, आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी नवाचार को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन 11 सितंबर को सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में आयोजित होगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि-किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस वृहद कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, विकसित भारत-जी राम जी तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं, अभियानों और पहलों का शुभारंभ किया जाएगा।

कार्यक्रम में लगभग 122 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 39 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जाएगा। इन विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं और विकास गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू सहित राज्य शासन के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, पंचायत प्रतिनिधि सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

2 लाख परिवारों के पक्के घर का सपना होगा पूरा

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत राज्य में नवनिर्मित 2 लाख आवासों के हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया जाएगा। कार्यक्रम में हितग्राहियों को ‘खुशियों की चाबी’ प्रदान की जाएगी।

एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन एवं सेल्फ जियो-टैग प्रणाली का शुभारंभ

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन एवं सेल्फ जियो-टैग रिपोर्ट प्रणाली का शुभारंभ होगा। तकनीकी नवाचार पर आधारित यह व्यवस्था आवास निर्माण की निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

जलधाराओं के पुनर्जीवन हेतु दो नए अभियानों की शुरुआत

विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत ‘धार अपार अभियान’ का शुभारंभ किया जाएगा। इसके माध्यम से नदियों एवं उनकी सहायक जलधाराओं के पुनरुद्धार, संरक्षण एवं पुनर्जीवन को जनभागीदारी से आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं ‘सुघ्घर बाड़ी’ अभियान के जरिए निजी एवं सामुदायिक भूमि में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करते हुए ग्रामीण परिवारों के लिए आय के स्थायी स्रोत सृजित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

270 नए इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टरों का होगा विमोचन

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत 270 नए इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) का विमोचन किया जाएगा। इन क्लस्टरों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की कृषि आधारित आजीविका को अधिक मजबूत और विविधतापूर्ण बनाने का प्रयास होगा। कृषि से जुड़े विभिन्न गतिविधियों के एकीकरण के जरिए ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर टिकाऊ आजीविका के अवसर विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा।

‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा उद्यमिता का नया अवसर

कार्यक्रम में ‘अथ उद्यम-आजीविका से उद्यमिता की ओर’ कार्यक्रम के अंतर्गत चैलेंज फंड इवेंट का शुभारंभ किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़ाकर उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना है। इस अवसर पर ग्रामीण आजीविका एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली रानी मिस्त्री, लखपति दीदियों एवं ड्रोन दीदियों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान ग्रामीण महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देने के साथ अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता के लिए प्रेरित करेगा।

उत्कृष्ट पंचायत प्रतिनिधियों का होगा सम्मान

पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्य की 5 पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया जाएगा। साथ ही कार्यक्रम में लगभग 122 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 39 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जाएगा। इन विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं और विकास गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

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