छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ाने की तैयारी : बस ऑपरेटर्स ने मंत्री से की 75% किराए में वृद्धि की मांग

रायपुर। रायपुर में परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में ‘बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़’ और प्रदेश भर के बस संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बस संचालन से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान खोजना और यात्री सेवाओं को बेहतर बनाना था।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
किराया वृद्धि की मांग: बस ऑपरेटर्स ने साधारण यात्री बसों का भाड़ा 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों का किराया 30 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अतिरिक्त, 11 मार्च 2025 को जारी संशोधित अधिसूचना को रद्द करने की बात भी कही गई। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि किराया वृद्धि के मुद्दे पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
स्लीपर बसों के टैक्स में राहत: वर्तमान में एक स्लीपर बर्थ पर दो सीटों के बराबर टैक्स लिया जाता है। फेडरेशन ने इसे घटाकर एक सीट के बराबर टैक्स वसूलने का सुझाव दिया है, जिस पर तकनीकी और राजस्व पहलुओं की समीक्षा के निर्देश जारी किए गए हैं।
समय-सारणी का निर्धारण: बसों के बीच उचित समय अंतर बनाए रखने पर चर्चा हुई। मुख्य मार्गों पर 10 मिनट और ग्रामीण इलाकों में 30 मिनट का अंतराल तय करने का सुझाव दिया गया है ताकि संचालकों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा खत्म हो सके।
डिजिटल परिवहन सेवाएं: क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने के लिए स्टेज कैरिज परमिट सहित अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला सुरक्षा और ट्रैकिंग: बसों में पैनिक बटन, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अकेली सफर करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
















