तांबे के दामों में ऐतिहासिक उछाल : LME पर नए शिखर पर पहुंचे भाव, जानें वजहें

नई दिल्ली (एजेंसी)। वैश्विक बाजार में तांबे (कॉपर) की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर तांबे का भाव 14,533 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक जा पहुंचा, जिसने इस वर्ष जनवरी में बने 14,527.50 डॉलर के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। कारोबार के उत्तरार्ध में भाव हल्का सा गिरकर 0.7% की बढ़त के साथ लगभग 14,518 डॉलर पर बना रहा। अमेरिका को छोड़कर अन्य वैश्विक बाजारों में तांबे की घटती उपलब्धता और डॉलर के कमजोर पड़ने से कीमतों को मजबूत समर्थन मिला है।
अमेरिका में स्टॉक की बाढ़, बाकी दुनिया में किल्लत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तांबे के भंडार को लेकर एक अनूठा विरोधाभास देखने को मिल रहा है:
अमेरिका में रिकॉर्ड भंडारण: COMEX गोदामों में तांबे का स्टॉक बढ़कर लगभग 6.96 लाख मीट्रिक टन (7,66,795 शॉर्ट टन) हो गया है। संभावित अमेरिकी इंपोर्ट ड्यूटी (टैरिफ) के डर से ट्रेडर्स ने पहले ही भारी मात्रा में मेटल अमेरिका भेजना शुरू कर दिया था।
LME और चीन में तेजी से घटता स्टॉक: LME के कैंसल्ड वारंट्स 51% तक पहुँच गए हैं, जिससे आने वाले समय में 1.21 लाख टन से अधिक तांबा सिस्टम से बाहर होने के कगार पर है।
शंघाई एक्सचेंज में गिरावट: सबसे बड़े तांबा उपभोक्ता देश चीन के शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज में मार्च के बाद से स्टॉक 85% घटकर महज 63,000 टन रह गया है, जो जनवरी 2024 के बाद का न्यूनतम स्तर है।
अन्य बेस मेटल्स का हाल
तांबे की इस रैली का प्रभाव अन्य औद्योगिक धातुओं पर भी देखने को मिला:
धातु (Metal),कीमत (प्रति टन),बदलाव (%)
जिंक,”$3,988″,+1.1% (बढ़त)
एल्युमिनियम,”$3,315″,+0.7% (बढ़त)
टिन,”$55,100″,+0.4% (बढ़त)
निकेल,”$16,725″,-0.7% (गिरावट)
लेड,”$1,903″,-0.3% (गिरावट)
अमेरिका में जमा होते स्टॉक और दुनिया के बाकी हिस्सों में सप्लाई की कमी ने बाजार में गहरा संतुलन बिगाड़ दिया है। जब तक अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता खत्म नहीं होती, तब तक तांबे के दाम उच्च स्तर पर बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
















