ट्रम्प के कड़े रुख पर तेहरान का रुख स्पष्ट : आक्रमण का दिया जाएगा विनाशकारी जवाब

वाशिंगटन (एजेंसी)। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान को लेकर दिए गए तल्ख बयान के बाद दोनों मुल्कों में तल्खी चरम पर पहुंच गई है। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान समझौते की राह पर नहीं आता है तो उसे पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी सैन्य नेतृत्व ने अमरीका और इस्राइल को चेतावनी दी है कि किसी भी हिमाकत का परिणाम बेहद खौफनाक और अप्रत्याशित होगा।
ईरानी सशस्त्र बलों की दो टूक चेतावनी
ईरान के ‘सशस्त्र बल जनरल स्टाफ’ तथा ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय’ ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर अमरीकी धमकियों का करारा जवाब दिया। सैन्य कमान ने कहा कि ट्रम्प की बयानबाजी अमरीका की मजबूती नहीं, बल्कि उसकी रणनीतिक लाचारी को दर्शाती है।
आक्रामक रणनीति: यदि अमरीका या इस्राइल ने कोई भी हमला करने का दुस्साहस किया, तो इस बार तेहरान का पलटवार पहले से कहीं अधिक तीव्र और विनाशकारी होगा।
प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया: सैन्य नेतृत्व ने आर्थिक प्रतिबंधों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अमरीका के दबाव वाले हथकंडे ईरान के संकल्प को डिगा नहीं सकते।
राजनीतिक पैंतरा: ईरानी सेना ने ट्रम्प के संबोधन को अमरीकी घरेलू राजनीति से प्रेरित प्रचार करार दिया।
UNGA में ट्रम्प का आक्रामक रुख
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमरीकी राष्ट्रपति ने तेहरान के खिलाफ कड़े कदम उठाने के संकेत दिए:
सैन्य कार्रवाई का विकल्प: ट्रम्प ने कहा कि उनके पास समझौते अथवा प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई में से किसी एक को चुनने का विकल्प मौजूद है। समझौता न होने पर उन्होंने ईरान को पूरी तरह खत्म (‘annihilate’) करने की बात कही।
परमाणु कार्यक्रम पर रोक: उन्होंने दोहराया कि वाशिंगटन किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की इजाजत नहीं देगा।
आर्थिक घेराबंदी: ट्रम्प ने वैश्विक समुदाय से तेहरान पर आर्थिक व कूटनीतिक दबाव बढ़ाने का आह्वान किया।
धमकियों के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक हलचल
तनावपूर्ण माहौल के बावजूद दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के द्वार पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। ट्रम्प के कड़े भाषण के कुछ ही घंटों बाद दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई:
3 घंटे की मैराथन बैठक: अमरीकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ लंबी चर्चा की, जिसे अमरीकी राष्ट्रपति ने ‘सकारात्मक और फलदायक’ बताया।
मुद्दों की व्यापकता: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमरीकी दूतों के बीच हुई इस वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा, संभावित युद्ध को रोकने और आर्थिक प्रतिबंधों जैसे संवेदनशील विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
राष्ट्रपति पेजेश्कियान के संबोधन पर टिकीं निगाहें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान वर्तमान में न्यूयॉर्क में मौजूद हैं। ईरानी सैन्य कमान ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति अपने भाषण में देश की संप्रभुता और सशस्त्र बलों के पक्ष को मजबूती से रखेंगे। अमरीका-ईरान के बीच समानांतर रूप से चल रही सैन्य धमकियों और कूटनीतिक बातचीत के इस दौर ने वैश्विक राजनीति में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
















