युवा ऊर्जा और सेवा भावना से रचेगा ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का नया अध्याय : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस और सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। उच्च शिक्षा विभाग के NSS प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया और युवा शक्ति को प्रदेश व देश के विकास की सबसे बड़ी पूंजी बताया।
युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण में NSS की महत्वपूर्ण भूमिका
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, नई सोच और सेवा भाव को अगर सही दिशा मिले, तो समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। NSS युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र सेवा के संस्कार विकसित करने का एक बेहतरीन माध्यम है।
उन्होंने आगे कहा कि NSS से जुड़कर युवा न केवल गतिविधियों में भाग लेते हैं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ समाज की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी उठाना और उनका समाधान तलाशना सीखते हैं। रक्तदान, स्वच्छता, पौधरोपण, जल संरक्षण और नशामुक्ति जैसी छोटी-छोटी पहल समाज में बड़े बदलाव का आधार बनती हैं।
‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘मेरा युवा भारत’ का आह्वान
मुख्यमंत्री ने युवाओं से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे एक माह के ‘सेवा संकल्प अभियान’ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का उदाहरण देते हुए कहा कि वे स्वयं अपने छात्र जीवन में NSS से जुड़े रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि सेवा के संस्कार जीवनभर मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) मंच का भी उल्लेख किया, जो युवाओं को नेतृत्व और कौशल विकास के नए अवसर प्रदान कर रहा है।
युवाओं के भरोसे और रोजगार पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं का विश्वास कायम रखना शासन की पहली प्राथमिकता है:
पारदर्शी भर्तियां: भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाने और धांधली रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन इसी दिशा में एक कदम है।
रोजगार के अवसर: पुलिस विभाग में लगभग 7,000 भर्तियां की गई हैं। शिक्षक, सहायक शिक्षक और बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर प्रक्रिया जारी है। जल्द ही बड़े पैमाने पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।
नई औद्योगिक नीति (2024-30): इस नीति का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं के लिए अवसर पैदा करना है। पिछले डेढ़ वर्षों में मिले 8.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं, स्टार्टअप और एआई (AI) पर विशेष ध्यान
प्रतियोगी परीक्षाएं: दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की सीटें बढ़ाकर 200 की गईं, जिसके 13 छात्रों ने इस वर्ष UPSC प्रीलिम्स पास किया है। साथ ही प्रदेश में आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘नालंदा परिसर’ तैयार किए जा रहे हैं।
स्टार्टअप संस्कृति: ‘नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30’ के तहत वर्ष 2030 तक 5,000 नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का लक्ष्य है, ताकि युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
मुख्यमंत्री AI मिशन: भविष्य की आधुनिक तकनीकों को ध्यान में रखते हुए 500 करोड़ रुपये के बजट से 6 लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
खेल प्रतिभाओं का सम्मान: राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय नौकरियों में समायोजन का रास्ता साफ किया गया है।
NSS युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त जरिया: उच्च शिक्षा मंत्री
समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि किसी राज्य की असली ताकत उसकी युवा चेतना में निहित होती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा को रोजगार और कौशल से जोड़ा जा रहा है। NSS युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देकर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चम्पावत, आयुक्त रीता यादव, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि, कार्यक्रम अधिकारी और बड़ी संख्या में NSS के स्वयंसेवक मौजूद रहे।
















