चिरायु योजना ने संवारी तीन मासूमों की जिंदगी, जन्मजात कटे होंठ की समस्या से मिली मुक्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘चिरायु योजना’ बीजापुर जिले के सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले तीन मासूम बच्चों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है। जन्मजात कटे होंठ (कलेफ्ट लिप) की गंभीर बीमारी से जूझ रहे इन बच्चों का रायपुर के श्री मेडिशाइन अस्पताल में निशुल्क सफल ऑपरेशन किया गया, जिससे अब उनके चेहरे पर दोबारा मुस्कान लौट आई है।
स्क्रीनिंग के दौरान हुई बच्चों की पहचान
बीजापुर के गंगालूर गांव के सवा साल के अयान, इशूलनार गांव की 8 वर्षीय अंजलि हापका और तोड़का गांव की 3 वर्षीय सविता ताती जन्म से ही कटे होंठ की समस्या से पीड़ित थे। आर्थिक तंगी और दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण परिजन उपचार को लेकर बेहद चिंतित थे। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम ने अपने नियमित परीक्षण अभियान के तहत इन तीनों बच्चों को चिन्हित किया।
रायपुर में हुआ निशुल्क उपचार
चिरायु टीम ने प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच और सभी कागजी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद बच्चों को विशेषज्ञ इलाज के लिए रायपुर भेजा। श्री मेडिशाइन अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में तीनों बच्चों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन हुआ। इस योजना के अंतर्गत पूरा इलाज पूरी तरह से निशुल्क प्रदान किया गया।
परिजनों ने जताया आभार
अयान के पिता संतोष साहनी, अंजलि के पिता सुखमा हापका और सविता के पिता बीजू ताती ने इलाज के बाद गहरी राहत सांस ली है। परिजनों का कहना है कि चिरायु योजना की मदद से न केवल उनके बच्चों को नया जीवन मिला है, बल्कि उनके बेहतर और सुरक्षित भविष्य की चिंता भी दूर हो गई है।
उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत बच्चों में जन्मजात विकृतियों, कुपोषण, बीमारियों और शारीरिक विकास में रुकावट जैसी समस्याओं की पहचान कर उन्हें समय पर निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।















