प्रशासनिक सुस्ती पर सख्त सरकार : राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा बोले—’काम में कोताही नामंजूर’, पटवारी हड़ताल और विपक्ष पर भी तंज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हालिया प्रशासनिक सुधारों, पटवारियों के आंदोलन और मतदाता सूची पुनरीक्षण (SSR) अभियान को लेकर मचे सियासी घमासान पर राज्य के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान और सरकारी दायित्वों में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
- सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर कठोर संदेश
तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी के निलंबन का जिक्र करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि यह कार्रवाई अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। सीएम हेल्पलाइन आम नागरिकों को सहूलियत देने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए बनाई गई है। ऐसे में जो भी अधिकारी जनता की शिकायतों को अनदेखा करेगा, उस पर सख्त एक्शन तय है।
- गिरदावरी कार्य और पटवारियों की हड़ताल
धान खरीदी के आगामी सत्र को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने पटवारियों की हड़ताल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह समय किसानों के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है, क्योंकि धान खरीदी से पूर्व गिरदावरी की प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। उन्होंने जानकारी दी कि फिलहाल पटवारी संघ की ओर से संवाद के लिए कोई आधिकारिक पहल नहीं की गई है।
- धान खरीदी और विपक्ष पर पलटवार
कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हित में पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की तुलना में धान का बेहतर मूल्य प्रदान कर रही है। SSR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) अभियान के विरोध पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति किसी क्षेत्र में निवास ही नहीं करता, उसका नाम मतदाता सूची से हटाना ही तर्कसंगत है। विरोध जताने के लिए विरोध करना विपक्ष की पुरानी आदत बन चुकी है।
















