बड़े सपने और मेहनत से ही मिलती है सफलता : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने नवा रायपुर स्थित हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू) में आयोजित ‘कोलोसस एवं अंतरराष्ट्रीय मॉडल यूनाइटेड नेशंस और यूथ पार्लियामेंट’ के समापन समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और सफलताओं का जिक्र करते हुए युवाओं को प्रेरित किया कि बड़े लक्ष्यों को पाने के लिए अनुकूल परिस्थितियों की नहीं, बल्कि अटूट दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है।
अभावों से भरी रही आईएएस तक की राह
छात्रों से अपनी जीवन यात्रा साझा करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि उनका जन्म रायगढ़ जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार में हुआ था। जब वे मात्र आठ वर्ष के थे, तब उनके पिता का साया उठ गया था। शुरुआती पढ़ाई खपरैल की छत वाले सरकारी स्कूल में हुई, जहां बरसात के दिनों में कक्षाओं में पानी टपकता था। यहां तक कि 12वीं कक्षा में पूरे साल में गणित की केवल चार ही कक्षाएं लग पाई थीं। संसाधनों और शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
मसूरी अकादमी के गेट से लौटने पर लिया था संकल्प
वर्ष 2000 में स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे तैयारी के सिलसिले में दिल्ली पहुंचे। इस दौरान वे मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी भी गए, जहां सुरक्षा गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया था। उस अनुभव से निराश होने के बजाय उन्होंने कड़ा संकल्प लिया कि वे एक दिन इसी अकादमी में बतौर आईएएस अधिकारी ट्रेनिंग के लिए लौटेंगे।
संघर्षों के बीच जारी रखी तैयारी
दिल्ली में रहने के दौरान आर्थिक तंगी और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। वे एस्बेस्टस शीट की छत वाले कमरों में रहे और गुजारे तथा पढ़ाई के खर्च के लिए करीब 12 किलोमीटर दूर जाकर ट्यूशन पढ़ाया करते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन में आने वाली कठिनाइयां और असफलताएं इंसान की मंजिल तय नहीं करतीं, बल्कि आपकी सकारात्मक सोच और मेहनत ही आपका भविष्य तय करती है।
















