मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी के विद्यार्थियों से किया संवाद, हर प्रतिभागी को ₹10 हजार प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान

भोपाल (एजेंसी)। बड़वानी में ‘शरद उत्सव’ का आयोजन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी जिले के गायत्री धाम (कलाल्दा) में आयोजित शरद उत्सव के दौरान छात्र-छात्राओं से ‘विकसित भारत का आधार’ विषय पर सीधा और प्रेरणादायी संवाद किया।
प्रोत्साहन राशि की घोषणा: कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने और मुख्यमंत्री से संवाद करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से ₹10-10 हजार की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई।
सफल छात्रों का सम्मान:
नीट (NEET) सफलता: सेंधवा के जामली स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के पूर्व छात्र रोहित बामनिया ने नीट-2026 में सफलता पाकर नीमच के शासकीय मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया है। उनकी मेडिकल फीस मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वहन की जा रही है।
शास्त्रीय संगीत में राष्ट्रीय कीर्तिमान: कक्षा 10वीं की छात्रा आराधना तरोले ने कला उत्सव में शास्त्रीय संगीत एकल गायन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री के आग्रह पर उन्होंने मधुर गीत गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
खेल जगत में उत्कृष्टता: कन्या खेल परिसर निवाली की छात्रा साक्षी भागले ने राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता (लखनऊ) की हाई जंप स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें ओलंपिक और एशियाई खेलों की तैयारी के लिए प्रेरित किया।
आधुनिक शिक्षा और स्मार्ट क्लासेज: कन्या शिक्षा परिसर की छात्रा किरण गिरासे ने बताया कि संस्थान में आईसीटी लैब, कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लास के जरिए जेईई व नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।
समय प्रबंधन और जीवन मूल्य: कक्षा 7वीं के छात्र कृष्णा चौहान के सवाल पर मुख्यमंत्री ने समय के सदुपयोग, रोजाना रात को अगले दिन की रूपरेखा बनाने, योग-प्राणायाम और स्वाध्याय (सेल्फ-स्टडी) को दिनचर्या में शामिल करने के गुर सिखाए। उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस का उदाहरण देते हुए राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक श्याम बर्डे सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विद्यार्थियों द्वारा निमाड़ी लोकगीत, श्रीमद् भागवत गीता पाठ और शास्त्रीय नृत्य जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
















