मध्यप्रदेश

स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र है संतुलित आहार और आयुर्वेद : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश में 9 नए आयुर्वेदिक कॉलेजों की नींव, आयुष चिकित्सकों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के संकेत
भोपाल (एजेंसी)।
11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित पंडित खुशीलाल शर्मा स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयुर्वेद को केवल एक इलाज का तरीका न मानकर, जीवन जीने की एक प्राकृतिक और रक्षात्मक शैली बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति में खान-पान और दिनचर्या का संतुलन ही निरोगी रहने की मुख्य कुंजी है।

मध्य प्रदेश को मिली 184 करोड़ की आयुष सौगातें

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में कई नई परियोजनाओं का उपहार दिया:

नवीन इंफ्रास्ट्रक्चर: ₹184 करोड़ से अधिक की लागत वाले 25 नए आयुष भवनों, औषधालयों और कॉलेजों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया गया।

डिंडौरी में नया कॉलेज: जनजातीय बहुल डिंडौरी जिले में ₹102 करोड़ की लागत से निर्मित नए आयुर्वेद महाविद्यालय का शुभारंभ हुआ।

हर्बल गार्डन और जन-प्रवेश: पंडित खुशीलाल कॉलेज परिसर में 6 एकड़ में बने ‘स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन’ और आम जनता के लिए ‘हर्बल गार्डन ऑफ स्टेट इंपोर्टेंस’ के प्रवेश का उद्घाटन किया गया।

आयुष आरोग्यम धाम: प्रदेश के आयुष वेलनेस पर्यटन केंद्रों का नाम बदलकर अब ‘आयुष आरोग्यम धाम’ कर दिया गया है।

इंटर्न आयुष डॉक्टरों के लिए जल्द खुशखबरी

प्रशिक्षु आयुष चिकित्सकों की लंबे समय से चली आ रही स्टाइपेंड वृद्धि की मांग पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार के साथ इस विषय पर चर्चा हो चुकी है और जल्द ही इस संबंध में सकारात्मक निर्णय की घोषणा की जाएगी।

वैश्विक स्तर पर बढ़ता आयुर्वेद का वर्चस्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रही है।

वर्ष 2014 में आयुष का वैश्विक बाजार जहाँ लगभग 3 अरब डॉलर था, वहीं अब यह बढ़कर 43 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है।

स्कॉटलैंड के एडिनबरा स्थित ‘रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स’ में शल्य चिकित्सा के जनक महर्षि सुश्रुत की प्रतिमा स्थापित होना भारत की समृद्ध विरासत का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान है।

23 सितंबर और खगोलीय गणना का महत्व

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की तारीख के चयन पर प्रकाश डालते हुए डॉ. यादव ने बताया कि 23 सितंबर को खगोलीय गणना के अनुसार दिन और रात की अवधि बराबर होती है, जो जीवन में संतुलन का प्रतीक है। इसी तरह 21 जून को सूर्य के उत्तरायण से दक्षिणायण में जाने के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

प्रदेश में आयुष तंत्र का विस्तार

समारोह में आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि राज्य सरकार पारंपरिक चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है:

वर्तमान में राज्य में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 आयुष विंग संचालित हैं।

राज्य के 31 सिकल सेल प्रभावित जिलों में विशेष आयुष सेवाएं दी जा रही हैं।

प्राथमिक पर्यटन स्थलों पर 12 नए आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि के पूजन एवं पौधा रोपण के साथ हुआ। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों, विधायकों और बड़ी संख्या में आयुष विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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