छत्तीसगढ़

कांकेर में विकास की नई इबारत : उप मुख्यमंत्री साव ने दी 11 करोड़ से अधिक के कार्यों की सौगात

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने रविवार को जिला मुख्यालय में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन कर क्षेत्र को बड़ी उपलब्धियां समर्पित कीं। राज्य सरकार की प्रगतिशील सोच को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया।

स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार: आधुनिक ट्रामा सेंटर की शुरुआत

जिला अस्पताल (कोमलदेव शासकीय चिकित्सालय) में अब मरीजों को आपातकालीन स्थिति में बेहतर इलाज मिल सकेगा। उप मुख्यमंत्री ने ₹1.41 करोड़ की लागत से तैयार अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर और ₹8.42 करोड़ की लागत से बने नए ओपीडी व अतिरिक्त अस्पताल भवन का उद्घाटन किया। इन सुविधाओं के शुरू होने से गंभीर रूप से घायल मरीजों को तुरंत उन्नत चिकित्सा मिल पाएगी। लोकार्पण के बाद साव ने मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल भी जाना।

आदिवासी संस्कृति का संरक्षण: ‘कोया बाना’ संस्थान

क्षेत्र की प्राचीन विरासत को सहेजने के लिए ₹30 लाख की लागत से ‘कोया बाना आदिवासी संस्कृति संवर्धन संस्थान’ की स्थापना की गई है। इस केंद्र की विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

गोंडी पाठशाला: स्थानीय भाषा और लिपि का संरक्षण।

सांस्कृतिक लाइब्रेरी: जनजातीय इतिहास पर केंद्रित पुस्तकों का संग्रह।

पुरातत्व संग्रहालय: प्राचीन सभ्यताओं से जुड़े अवशेषों का प्रदर्शन।

रेडियो स्टूडियो: युवाओं को संचार के क्षेत्र में अवसर प्रदान करने हेतु।

वित्तीय जागरूकता के लिए अभिनव पहल: साक्षरता लैब

पुरानी पुत्री शाला के भवन को नया स्वरूप देकर वित्तीय साक्षरता लैब (Financial Literacy Lab) विकसित की गई है। ₹65 लाख की लागत से तैयार इस लैब में छात्र और आम नागरिक बैंकिंग प्रणाली, शेयर बाजार, जीएसटी (GST) और साइबर फ्रॉड से बचने के गुर सीख सकेंगे। यह नवाचार लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

“आज का दिन कांकेर के लिए ऐतिहासिक है। कुल 11.21 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण यह दर्शाता है कि सरकार जिले के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।”
— अरुण साव, उप मुख्यमंत्री

मुख्य बिंदु और उपस्थित अतिथि

कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने इस अवसर पर कहा कि नक्सलवाद की समस्या कम होने के बाद अब बस्तर में विकास की बयार बह रही है। कार्यक्रम के दौरान मासिक पत्रिका ‘नवांकुर’ और हल्बा जनजाति की संस्कृति पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

इस गरिमामयी समारोह में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, कलेक्टर निलेश कुमार क्षीसागर और पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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