मध्य प्रदेश में सुशासन और विकास का नया अध्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में जन-कल्याण और विकास की नई इबारत लिखने का संकल्प दोहराया है। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक विशेष अभिनंदन समारोह में उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश आज सुशासन के माध्यम से प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर है।
जन-सेवा और नीतिगत नवाचार
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नेक इरादों के साथ किए गए कार्यों में ही सफलता (बरकत) निहित होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार केवल वादे करने में नहीं, बल्कि “सच्चा वादा- पक्का काम” के सिद्धांत पर अमल करने में विश्वास रखती है।
सांस्कृतिक पुनरुत्थान: सरकार ‘विरासत से विकास’ की अवधारणा को प्राथमिकता दे रही है।
रोजगार के अवसर: धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
समावेशी भागीदारी: निगमों, मंडलों और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों के माध्यम से योग्य नेतृत्व को जन-सेवा का अवसर दिया जा रहा है।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने जताया आभार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विभिन्न निगमों और बोर्डों के नवनियुक्त अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहे।
अभिनंदन करने वाले प्रमुख व्यक्तित्व:
श्री रामनिवास रावत: अध्यक्ष, म.प्र. राज्य वन विकास निगम।
श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी: अध्यक्षा, म.प्र. राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण।
डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव: अध्यक्ष, म.प्र. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम।
श्री महेश केवट: अध्यक्ष, म.प्र. राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड।
समारोह में रतलाम विकास प्राधिकरण सहित अन्य निकायों के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली लाना ही उनका अंतिम लक्ष्य है और इस मार्ग में कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।
















