छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की सक्रियता : आकाशीय बिजली से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को ₹4 लाख की त्वरित मदद

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता और उनके गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की त्वरित कार्रवाई से एक पीड़ित परिवार को संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिली है। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के आश्रितों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता राशि जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद इस लंबित मामले का निपटारा बेहद कम समय में किया गया।

आवेदन पर तुरंत हुआ एक्शन

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आकाशीय बिजली गिरने के कारण हुई इस दुर्घटना के बाद मुआवजे का मामला काफी समय से अटका हुआ था। पीड़ित परिवार ने राहत राशि पाने के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को बिना देरी किए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।

राजस्व विभाग ने पूरी की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री के आदेश मिलते ही राजस्व विभाग हरकत में आया और मामले की बारीकी से जांच की। जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने जशपुर जिले की बगिया तहसील के ग्राम झिक्की निवासी मृतक के आश्रित श्री संजय कुजूर के पक्ष में ₹4 लाख की मुआवजा राशि स्वीकृत करने की सिफारिश कलेक्टर को भेजी। सभी जरूरी कागजी औपचारिकताएं तेजी से पूरी कर सहायता राशि परिवार को सौंप दी गई।

पीड़ित परिवार ने जताया शासन का आभार

मुआवजा मिलने के बाद संकट के दौर से गुजर रहे पीड़ित परिवार को बड़ा सहारा मिला है। सहायता राशि प्राप्त होने पर संजय कुजूर और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद करते हुए कहा कि कैंप कार्यालय में आवेदन देते ही प्रशासन ने जिस तेजी से काम किया, उसी की बदौलत उन्हें समय पर यह आर्थिक मदद मिल सकी है।

आम जनता का भरोसा बना ‘बगिया कार्यालय’

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का बगिया स्थित कैंप कार्यालय इन दिनों आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित निवारण का एक मजबूत जरिया बन चुका है। यहाँ आने वाले हर आवेदन पर गंभीरता और प्राथमिकता के साथ काम किया जा रहा है, जिससे न सिर्फ जरूरतमंदों को समय पर न्याय मिल रहा है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी गहरा हुआ है।

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