विशेष बच्चों की कला देख भावुक हुए कृषि मंत्री नेताम, मनेन्द्रगढ़ के नेत्रहीन विद्यालय के लिए एक लाख रुपये की सहायता का ऐलान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि एवं जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने गांधी जयंती के अवसर पर ‘सशक्त एमसीबी-सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मनेन्द्रगढ़ स्थित जिला नेत्रहीन, विकलांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय का अचानक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्था में बच्चों को मिल रही शिक्षा, भोजन, ब्रेल लिपि के प्रशिक्षण और आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए स्वागत गीत, संगीत, रामायण और सुंदरकांड की चौपाइयों के साथ-साथ विभिन्न जीवों की आवाजें निकालने की कला ने मंत्री को काफी प्रभावित किया। बच्चों में मौजूद इस आत्मविश्वास और प्रतिभा को देखकर मंत्री नेताम भावुक हो गए। उन्होंने हौसला बढ़ाते हुए बच्चों से कहा कि वे किसी से कम नहीं हैं और उन्हें केवल एक उचित मंच तथा सही अवसर की आवश्यकता है।
इस दौरे में संस्था के प्राचार्य संतोष चढ़ोकर ने मंत्री को स्कूल चलाने में आ रही वित्तीय समस्याओं और कमियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बच्चों के भरण-पोषण के लिए मिलने वाली छह सौ रुपये की राशि नाकाफी है। साथ ही शिक्षकों के वेतन बढ़ाने का भी अनुरोध किया गया।
बच्चों की प्रतिभा और विद्यालय की स्थिति को देखते हुए मंत्री नेताम ने शौचालय, पेयजल और बिस्तरों जैसी बुनियादी सुविधाओं को जल्द बेहतर करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम को नियमित रूप से स्कूल की निगरानी करने को कहा। संस्था के सुचारू संचालन और जरूरतों को पूरा करने के लिए मंत्री ने अपनी ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने बच्चों को फल-फूल और एक साउंड सिस्टम बॉक्स भी उपहार में दिए।
इस कार्यक्रम के दौरान मनेन्द्रगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, कलेक्टर संतन देवी जांगड़े, पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
















