कृषि मंत्री रामविचार नेताम का चिक्कबल्लापुर दौरा, श्री सत्य साई ग्राम में पोषण और स्वास्थ्य मॉडल का लिया जायजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और खान-पान को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल की ओर कदम बढ़ाया है। प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर स्थित श्री सत्य साई ग्राम (मुद्देनहल्ली) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध वैश्विक मानवतावादी और ‘वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन’ के संस्थापक सद्गुरु श्री मधुसूदन साई जी से विशेष मुलाकात की।
कुपोषण मुक्त बचपन पर मंथन
बैठक का मुख्य केंद्र छत्तीसगढ़ के सरकारी विद्यालयों में चल रहे ‘मॉर्निंग न्यूट्रिशन प्रोग्राम’ (सुबह का पोषण आहार) को और अधिक प्रभावी बनाना था। दोनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति जताई गई कि प्रदेश का कोई भी बच्चा खाली पेट स्कूल न जाए। इसके तहत बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य, सही पोषण और उनकी पढ़ाई-लिखाई के स्तर में सुधार लाने के लिए मिलकर काम करने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
साईश्योर न्यूट्रास्यूटिकल प्लांट का निरीक्षण
अपने दौरे के समय मंत्री श्री नेताम ने अत्याधुनिक साईश्योर एलएलपी न्यूट्रास्यूटिकल संयंत्र का भी जायजा लिया। इस प्लांट में वैज्ञानिक तकनीकों के आधार पर ‘साईश्योर’ नामक न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट तैयार किया जाता है। गौरतलब है कि ‘श्री सत्य साई अन्नपूर्णा ट्रस्ट’ इसी पोषण अनुपूरक के जरिए वर्तमान में देशभर के 1 करोड़ (10 मिलियन) से अधिक स्कूली बच्चों को सुबह का नाश्ता और पोषण उपलब्ध करा रहा है।
निःशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के मॉडल की सराहना
कृषि मंत्री ने परिसर में स्थित एकीकृत शैक्षणिक संस्थानों, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का अवलोकन किया। उन्होंने सद्गुरु श्री मधुसूदन साई के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस निस्वार्थ सेवा मॉडल की प्रशंसा करते हुए कहा कि निःशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का यह कार्य वाकई अद्भुत है।
यह दौरा छत्तीसगढ़ सरकार और ‘वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन’ के बीच आने वाले समय में बच्चों के समग्र विकास के लिए एक मजबूत साझेदारी की नींव रख सकता है।
















