आयुष सुरक्षा पोर्टल : औषधियों की गुणवत्ता, दुष्प्रभाव और भ्रामक विज्ञापनों पर कसने लगा शिकंजा

रायपुर। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया “आयुष सुरक्षा पोर्टल” आयुष दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए एक पारदर्शी और सुलभ डिजिटल माध्यम बनकर उभरा है। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य औषधियों के प्रतिकूल प्रभावों की निगरानी करना, खराब गुणवत्ता की शिकायतों पर संज्ञान लेना और भ्रामक व आपत्तिजनक विज्ञापनों पर रोक लगाना है।
आम नागरिक और डॉक्टर करा सकेंगे शिकायत
इस पोर्टल के ज़रिए अब आम जनता, आयुष चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी दवाओं के सेवन के बाद होने वाले किसी भी साइड इफेक्ट (प्रतिकूल प्रभाव), खराब गुणवत्ता या भ्रामक दावों वाले विज्ञापनों की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारी तुरंत जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
छत्तीसगढ़ आयुष विभाग की अपील
छत्तीसगढ़ शासन के आयुष विभाग ने राज्य के नागरिकों और आयुष क्षेत्र से जुड़े हितधारकों से आग्रह किया है कि वे आयुष औषधियों से जुड़ी किसी भी समस्या या भ्रामक विज्ञापनों की जानकारी तुरंत आयुष सुरक्षा पोर्टल पर दर्ज कराएं। विभाग का मानना है कि इस पहल से न केवल सुरक्षित दवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति जनता का विश्वास भी और मजबूत होगा।
















